केंद्र के कर्मियों का महंगाई भत्ता बढ़ेगा! नए फोर्मुले पर मोदी सरकार की कवायद

| July 18, 2018

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता बढ़ाया जा सकता है। लेबर मिनिस्ट्री इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स की नई सीरीज पर काम कर रही है। इस सीरीज का उपयोग डियरनेस अलाउंस तय करने में होगा। इस कदम से केंद्र सरकार के 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा हो सकता है।

डीए की गणना नागरिक की बेसिक सैलरी के पर्सेंटेज के रूप में की जाती है। महंगाई का असर कम करने के लिए डीए दिया जाता है। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया कि लेबर एंड एंप्लॉयमेंट मिनिस्ट्री के तहत काम करने वाले लेबर ब्यूरो ने इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स की नई सीरीज 2016 को बेस ईयर मानते हुए फाइनल कर दी है। मौजूदा इंडेक्स में बेस ईयर 2001 है।







बेस ईयर को हर छह साल पर बदला जाएगा ताकि जीवनयापन के खर्च में बदलावों के असर को ज्यादा अच्छी तरह से शामिल किया जा सके।

बेस ईयर में पिछला बदलाव 2006 में छठे सेंट्रल पे कमीशन ने किया था। उसने बेस ईयर को 1982 से बदलकर 2001 कर दिया था।

नए इंडेक्स में नए इंडस्ट्रियल सेंटर्स को शामिल किया जाएगा। इस तरह इसमें शामिल ऐसे सेंटरों की संख्या 78 से बढ़कर 88 हो जाएगी। पिछले 15 वर्षों में इंडस्ट्रियल वर्कर्स की जीवनशैली में आए बदलावों का असर शामिल करने के लिए लिस्ट में कार और मोबाइल सहित कई आइटम जोड़े जा रहे हैं। अधिकारी ने कहा, ‘अब तक ट्रेंड यही रहा है कि इंडस्ट्रियल वर्कर के मासिक खर्च में नई सीरीज में ट्रांसपोर्ट, हेल्थकेयर और हाउसिंग का वेटेज कई गुना बढ़ गया है। ऐसा मुख्य तौर पर पेट्रोल और डीजल के उपभोग और कारों को इसमें शामिल करने से हुआ है। वहीं ओवरआल फूड बास्केट में गिरावट है, जिसे डाईवर्सिफाई किया जा रहा है।’ लिहाजा फ्यूल प्राइसेज, हेल्थकेयर और हाउसिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी को देखते हुए नए इंडेक्स में कुछ इजाफा हो सकता है।



इस इंडेक्स का उपयोग सभी सरकारी कर्मचारियों और इंडस्ट्रियल वर्कर्स का डीए तय करने में होता है, लिहाजा बेस ईयर में बदलाव से सरकारी खजाने पर करोड़ों रुपये का असर पड़ सकता है। नए इंडेक्स को आकलन के लिए जल्द टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी के पास भेजा जाएगा, जहां से उसे नेशनल ट्राईपार्टी कंसल्टेशन के लिए रेफर किया जाएगा। उसके बाद उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।




सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस साल मार्च में डीए 2 पर्सेंट से बढ़ाकर 7 पर्सेंट कर दिया था। यह बढ़ोतरी जनवरी 2018 से लागू मानी गई। इससे केंद्र सरकार के 48.41 लाख कर्मचारियों और 61.17 पेंशनर्स को फायदा हुआ।

Source:- NBT

Category: Indian Railways, News

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