हिन्दी में आवेदन देने पर ही रेलवे में छुट्टी

| July 3, 2018

हिन्दी को बढ़ावा देने की एक नई पहल शुरू हुई है। इससे रेल कर्मचारियों को ड्यूटी से विभागीय छुट्टी के लिए हिन्दी में ही आवेदन देना होगा। अंग्रेजी में दिए गए आवेदन रद्द हो जाएंगे। .

सीनियर डीसीएम भास्कर के प्रयास से रेल मंडल के वाणिज्य विभाग में हिन्दी में आवेदन पूरी तरह लागू हो गया। जबकि, हिन्दी में कामकाज को बढ़ावा देने के लिए लोको एवं कार्मिक समेत अन्य विभागों के कामकाज पर जोर दिया जा रहा है। हिन्दी में विभागीय कार्य करने वाले कर्मचारियों को रेलवे पुरस्कृत भी करता है। टाटानगर में बुकिंग क्लर्क से लेकर कई अधिकारियों को हिन्दी के कारण पुरस्कार मिला है। टिकट निरीक्षक कक्ष में ड्यूटी रोस्टर तक हिन्दी में बन रहा है। .








राजभाषा विभाग: हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए रेलवे राजभाषा विभाग व अधिकारी नियुक्त हैं, जो विभिन्न स्टेशनों पर घूमकर संगोष्ठी करते हैं। वहीं, टाटानगर स्टेशन पर पुस्तकालय भी खुला है, जहां कार्यक्रम होते हैं। .

ऑनलाइन सुविधा नहीं: छुट्टी के लिए रेलवे में ऑनलाइन व्यवस्था शुरू नहीं हुईहै, नही कोई आदेश दिया गया है।चक्रधरपुर मंडल मेंस कांग्रेस के संयोजक शशि मिश्रा ने बताया कि छुट्टी हमेशा विभाग या सेक्शन के सुपरवाइजर देते हैं। कंप्यूटराइज्ड न होने के कारण ऑनलाइन सुविधा नहीं है। हिन्दी में रेलकर्मी आवेदन देने लगे हैं, क्योंकि अंग्रेजी से ज्यादा सरल हैं।

 रेलवे ने ट्रेनों में गार्डों के पारंपरिक रूप से प्रयोग में आने वाले भारी भरकम लाइन बक्सों को हटाकर छोटे एवं हल्के पहिएदार ब्रीफकेस देने की योजना बनाई है और उत्तर रेलवे के कुछ खंडों में परीक्षण की शुरू कर दिया गया है।.








सूत्रों के अनुसार, गार्ड द्वारा साथ रखने वाली जरूरी गार्ड-किट का डिजाइन भी हल्का और छोटा किया गया है ताकि उसे लेकर चलने में आसानी हो और वे ब्रीफकेसों को स्वयं ही अपने साथ ले जा सकें। सभी नियम पुस्तिकाओं और वर्किंग समय-सारणी के लिए इस ब्रीफकेस में एक प्री-लोडेड टेबलेट भी दिया जाएगा। .

Category: Indian Railways

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