मोदी सरकार के फैसले से देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारी निराश, आदेश जारी

| June 27, 2018
अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ओवरटाइम भत्ता नहीं मिलेगा। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक ऑपरेशनल स्टाफ को छोड़कर अब किसी कर्मचारी को ओवरटाइम भत्ता नहीं दिया जाएगा। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद यह कदम उठाया गया है। सरकार की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि सातवें वेतन आयोग में वेतन बढ़ाने के बाद ओवरटाइम अलाउंस को खत्म किया जा रहा है। हालांकि सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि ऑपरेशनल स्टाफ और औद्योगिक कर्मचारियों को इससे अलग रखा जाएगा।








इस आदेश को केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों में लागू किया जाएगा।ऑपरेशनल स्टाफ में वे कर्मचारी आते हैं जो कार्यालयों के ठीक से काम करने और व्यवस्था को बनाए रखने का काम करते हैं। यानी मकैनिकल और इलेक्ट्रिकल उपकरणों की मरम्मत और देखभाल करने वाले कर्मचारी इस श्रेणी में आते हैं।




कौन हैं ऑपरेशनल तथा यांत्रिकीय कर्मचारी
केंद्र सरकार के ऐसे सभी गैर राजपत्रित कर्मचारी जो कार्यालय के सुचारू संचालन से सीधे लगे रहते हैं, उन्हें इस श्रेणी में रखा गया है। इनमें इलेक्ट्रिकल या मेकेनिकल उपकरणों का संचालन करने वाले कर्मचारी भी आते हैं।




मंत्रालय ने कहा कि संबंधित मंत्रालयों/विभागों के प्रशासनिक निकायों से संचालन-परिचालन से संबद्ध कर्मचारियों की सूची तैयार करने और उसके साथ तर्कसंगत कारण बताने को कहा गया है। सरकार ने उनके ओटीए की दर भी संशोधित नहीं करने का फैसला किया है।

मंत्रालयों और विभागों के प्रशासन ने ऑपरेशनल स्टाफ की लिस्ट बनाने का आदेश जारी किया है। यह फैसला भी लिया गया है कि ओवरटाइम भत्ता बायोमीट्रिक अटेंडेंस के आधार पर दिया जाएगा। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि ऑपरेशनल स्टाफ का ओवरटाइम भत्ता बढ़ाया नहीं जाएगा। यह 1991 में जारी आदेश के मुताबिक ही दिया जाएगा। कार्मिक मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है, ‘ओवरटाइम भत्ता तभी दिया जाएगा जब कर्मचारी का सीनियर अफसर लिखित में देगा कि जरूरी काम करने के लिए कर्मचारी को कार्यालय में रुकना है।’

Category: DOPT, News

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