Railway suspends two station masters for negligence

| June 26, 2018

छपरा से दिल्ली के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन को रन-थ्रू सिग्नल(बिना रुके चलने का संकेत) देने के मामले में निलंबित अमरोहा और कैलसा के स्टेशन मास्टर को चार्जशीट दे दी गई। सात दिन के भीतर दोनों को जांच कमेटी के सामने अपना पक्ष रखना होगा।

रविवार सुबह साढ़े दस बजे स्पेशल ट्रेन को अमरोहा में रन-थ्रू सिग्नल दे दिया गया था, जबकि चालक ने ट्रेन को अपने विवेक के आधार पर रोक दिया था। मेन लाइन में ट्रेन नहीं रुकने से यात्रियों को दिक्कत उठानी पड़ी, जबकि कुछ लोगों की ट्रेन छूट गई। आला अफसरों को मामले की सूचना मिली, उसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया।







इस प्रकरण में अमरोहा के स्टेशन मास्टर सरदार सिंह और कैलसा के भूपेंद्र सिंह को डीआरएम ने निलंबित कर दिया। दोनों ने स्टापेज वाली ट्रेन को बिना रुकने का सिग्नल दे दिया। मंगलवार को दोनों स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर की तैनाती कर दी गई। रेल प्रवक्ता एडीआरएम शरद श्रीवास्तव का कहना है कि अमरोहा और कैलसा के स्टेशन मास्टरों ने गलती स्वीकार कर ली है। मामले की जांच को तीन सदस्यीय कमेटी का ऐलान कर दिया गया है। डीओएम, एएमई और एएसटी कमेटी के सदस्य हैं। निलंबित कर्मचारियों को चार्जशीट का सात दिन के भीतर जवाब देना होगा।



अब ट्रेनें नहीं होंगी लेट, इस सुझाव पर विचार कर रहा है रेलवे

आए दिन ट्रेनों की लेटलतीफ़ी मुसाफ़िरों के लिए बड़ी तकलीफ़देह होती है और पिछले काफ़ी समय से अधिकांश ट्रेन घंटों देरी से चल रही हैं, जिसे लेकर रेलवे पर सवाल उठते रहे हैं. ट्रेन लेट न हो इसके लिए रेलवे एक सुझाव पर विचार कर रहा है, जिसके मुताबिक ट्रेनों के टाइम टेबल में बदलाव हो सकता है और एक जैसी स्पीड वाली सभी ट्रेनों को ग्रुप में छोड़ी जाएंगी.




रेलवे ये फैसले लेने के लिए विचार कर रहा है

– एक जैसी स्पीड वाली ट्रेनें ग्रुप में छूटें और इनके बीच सिर्फ 15-20 मिनट के अंतराल हो. रफ्तार के आधार पर ट्रेनों को तीन श्रेणियां में रखा गया है. हाई स्‍पीड (130km/h), मेल एक्‍सप्रेस (110km/hr) और मेमू, डेमू, पैसेंजर (100km/hr)

– कई ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव हो सकता है और अगर ऐसा होता है तो नया टाइम टेबल अगस्त से संभव है.
– बड़े स्टेशनों से पहले ट्रेनें टर्मिनेट की जाएंगी, ताकि स्टेशन पर ट्रेनों की भीड़ न बढ़े.
– दोबारा खुलने से पहले भी ट्रेनों का इस्तेमाल और बीच के समय में छोटी दूरी के लिए इस्तेमाल, ताकि स्टेशन, यार्ड में ट्रेनों की भीड़ न हो.

 

टिप्पणियां

– देश के बड़े-बड़े जंक्शन के आसपास मौजूद करीब 20 टर्मिनल पर अलग-अलग दिशाओं से आने वाली ट्रेनों को बड़े स्टेशन से पहले ही टर्मिनेट किया जाएगा, ताकि स्‍टेशन पर कंजेशन न बढे़.

– इस योजना का उद्देश्‍य करीब 90 फीसदी ट्रेनों को समय पर लाने का मकसद है.

Category: Indian Railways, News

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