Railway to take help of private professionals to increase revenue

| June 24, 2018

रेलवे गैर सरकारी संगठनों, कोऑपरेटिव सोसाइटी, स्वयं सहायता समूह और निजी पेशेवरों-कंपनियों को अपने साथ जुड़ने का मौका देगा। यात्री सुविधाएं व आय बढ़ाने संबंधी अनोखे विचार के प्रस्ताव के साथ पेशेवर-कंपनियां अपना प्रस्ताव भेज सकती हैं। मंजूरी मिलने पर वह रेलवे स्टेशनों पर काम शुरू कर सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने 21 मई को नई नीति लागू कर दी है। इसमें देशभर के सभी 68 डीआरएम को शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसके लिए उन्हें जोनल मुख्यालय अथवा रेलवे बोर्ड के चक्कर नहीं लगाने होंगे।.








रेलवे बोर्ड ने बेहतर यात्री सुविधाओं व आय बढ़ाने के लिए नया अनोखा नॉन फेयर रेवन्यू विचार योजना नामक नीति बनाई है। जिससे ए1,ए, बी, सी, डी, श्रेणी के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा किया जा सके। इसके साथ ही रेलवे के खजाने में किराये के अतिरिक्त आय बढ़ाई जा सके। नया प्रस्ताव अथवा अनोखा विचार इसके पूर्व डिविजन में इस्तेमाल नहीं हुआ हो। गैर जरूरी प्रस्ताव व विचारों को रोकने के लिए एक हजार रुपये प्रतिभूति राशि (नॉन रिफंडेबल) रखी जाएगी। डीआरएम जिस प्रस्ताव को मंजूरी देगा, उस एनजीओ, कोऑपरेटिव सोसाइटी, स्वयं सहायता समूह, निजी कंपनी-पेशवरों को एक साल तक काम करने का मौका *दिया जाएगा। .




जरूरत पड़ने पर डीआरएम एक साल का विस्तार दे सकेंगे। नई नीति में डीआरएम को सभी शक्तियां प्रदान की गई हैं। रेलवे व संबंधित कंपनी के बीच करार किया जाएगा। सफलता मिलने के बाद भविष्य में योजना को लागू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। किसी भी योजना को लागू करने में इस बात का ध्यान रखना होगा कि प्लेटफार्म पर यात्रियों के आवागमन में अड़चने नहीं पैदा हों। इसके अलावा योजना से यात्रियों की सुरक्षा-संरक्षा पर खतरा नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही प्रदूषण व पर्यावरण को नुकसान नहीं होना चाहिए।.

मई को नई नीति लागू कर दी है रेलवे बोर्ड ने




रेलवे बोर्ड ने नॉन फेयर रेवेन्यू मद में आय बढ़ाने के लिए रेल डिसप्ले नेटवर्क संबंधी नीति जुलाई 2017 में जारी की थी। इसमें रेलवे स्टेशन परिसर, फुट ओवर ब्रिज, प्लेटफार्म, प्रतीक्षा कक्ष आदि स्थानों दो लाख टीवी स्क्रीन लगाने की योजना बनाई थी। जिससे यात्रियों को ट्रेन संबंधी सूचना और मनोरंजन एक साथ मुहैया कराया जा सके। वहीं, टीवी स्क्रीन पर विज्ञापन से रेलवे को एनएफआर मद में पैसा भी मिलता। रेलवे ने नॉन फेयर रेवन्यू से 10,000 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। लेकिन एक साल होने के बावजूद योजना परवान नहीं चढ़ी है। रेलवे बोर्ड ने अब यात्री सुविधा व एनएफआर बढ़ाने के लिए नई नीति लागू की है।

Category: Indian Railways, News

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