अब शराबी ट्रेन चालकों की नहीं जाएगी नौकरी

| June 17, 2018

शराब की मात्र के आधार पर तय होगा दंड, खून में मिश्रित अल्कोहल मिलने पर नहीं मिलेगा दंड , चिकित्सकों से ली जाएगी राय

रेलवे ने शराब पीने वाले ट्रेन चालकों को राहत प्रदान की है। अब शराब पीकर ट्रेन चलाने वाले चालकों की नौकरी नहीं जाएगी। शराब की मात्र के आधार पर ही उन्हें दंड दिया जाएगा। रेलवे के सभी प्रमुख स्टेशनों के चालक व गार्ड ड्यूटी रूम में ब्रीथ एनालाइजर मशीनें लगी हुईं हैं। जिससे ड्यूटी पर जाने वाले चालकों के सांसों की जांच की जाती है। शराब पीने की पुष्टि होने पर रेलवे प्रशासन संबंधित चालक की सेवा समाप्त कर देता है। इससे कर्मियों में आक्रोश था। उनका तर्क था कि कई दवाएं ऐसी होती हैं जिनमें अल्कोहल होता है।








नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन (एनएफआइआर) ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन के साथ हुई पीएनएम की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था। कहा गया कि ब्रीथ एनालाइजर में शराब पीने की पुष्टि होने पर खून की जांच कराई जानी चाहिए। चालकों की कमी के कारण उन्हें आठ घंटे बिना आराम कराए ही ड्यूटी पर बुला लिया जाता है। ऐसे में शराब पीने वाले चालक को तुरंत ड्यूटी पर बुला लेने पर ब्रीथ एनालाइजर में हल्की शराब की पुष्टि होती है। रेलवे बिना खून की जांच कराए ही उनकी सेवा समाप्त कर देता है।




रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर सेफ्टी (थर्ड) पी श्रीनिवास ने एक जून को पत्र जारी किया। इसमें कहा है कि चालक व गार्ड लॉबी में आरडीएसओ द्वारा प्रमाणित आधुनिक ब्रीथ एनालाइजर लगाएं। इसमें शराब पीने की पुष्टि होने पर संबंधित चालक की खून की जांच कराएं। सौ एमएल खून में 40 मिली ग्राम शराब पाए जाने पर चालक की सेवा समाप्त नहीं की जाएगी। चालकों को मामूली दंड या चेतावनी दी जाएगी।




खून की जांच में दवा की मात्र के बराबर ही अल्कोहल मिलने पर चिकित्सक की राय लें। खून में इससे अधिक मात्र में अल्कोहल पाए जाने पर चालक का पक्ष जानने के बाद उसे कठोर दंड दें। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने इस आदेश पर अमल के आदेश दिए हैं। मंडल मंत्री मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि अब चालकों का उत्पीड़न नहीं होगा।

Category: Indian Railways, News

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