Railway to give job to child from second wife

| June 16, 2018

रेलवे कर्मचारी की मौत पर उसकी दूसरी पत्नी की संतान को अब2009अनुकंपा के आधार पर नौकरी दे दी जाएगी। रेल प्रशासन ने केंद्रीय प्रशासनिक20092009टिब्यूनल (कैट) के आदेश को लागू कर यह व्यवस्था शुरू कर दी है। अभी तक पहली पत्नी के20092009जीवित रहते या उससे बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने को रेलवे मान्यता नहीं देता था।2009ऐसे हालात में दूसरी पत्नी की संतानों को लाभ नहीं मिल पाता था। देश में ऐसे मामले लगभग 10 हजार हैं, जिनमें रेलवे कर्मचारियों की मौत के बाद दूसरी पत्नी की संतानों को नौकरी नहीं मिली है।








रेलवे नियम के अनुसार पहली पत्नी के जीवित रहते या बिना उससे तलाक लिए दूसरी शादी करने पर दूसरी पत्नी व उसकी संतान को कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है। लिहाजा रेल कर्मियों की मौत के बाद दूसरी पत्नी की संतान को नौकरी नहीं मिल पाती थी।1 कैट ने दूसरी पत्नी की संतान को पिता के स्थान पर नौकरी देने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ रेलवे बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे के तर्क को खारिज कर दिया।




सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहली पत्नी के होते हुए दूसरी शादी से पैदा होने वाली संतान को पिता के अधिकार से वंचित नहीं रखा जा सकता है। इसलिए दूसरी पत्नी की संतान को नौकरी देनी चाहिए। कोर्ट ने कैट के फैसले को सही ठहराया। रेलवे बोर्ड के निदेशक आई नीरज कुमार ने 21 मई को पत्र जारी कर कैट के आदेश को लागू कर दिया है। इसके साथ ही दो जनवरी 1992 के उस सकरुलर को रद कर दिया, जिसमें दूसरी पत्नी के बच्चों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मनाही थी। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि रेलवे बोर्ड का आदेश मिल गया है

Railway बदलने वाला है यह नियम, रिटायर्ड और मौजूदा कर्मियों को होगा फायदा

रेलवे अपने कर्मचारियों को बड़ी सुविधा देने की तैयारी कर रहा है. रेलवे की तरफ से किए गए फैसले के अनुसार अब कर्मचारियों और सेवानिवृत कर्मियों को चिकित्सा कार्ड की जगह क्रेडिट कार्ड जैसे स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जाएंगे. इन कार्ड पर विशिष्ट नंबर अंकित होंगे. रेलवे कर्मचारियों को दिए गए मौजूदा कार्ड की प्रक्रिया काफी जटिल है. अभी जोनल रेलवे की तरफ से जारी हेल्थ कार्ड बुकलेट के रूप में होता है जो राशन कार्ड की तरह लगता है.

रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार कर्मचारियों के साथ उनके सभी आश्रितों को अलग तरह का चिकित्सा पहचान पत्र जारी किया जाएगा. इस कार्ड पर पूरे देश के लिए विशिष्ट नंबर दर्ज होंगे. आदेश में कहा गया कि भारतीय रेलवे के कर्मचारियों और अन्य लाभार्थियों को जारी होने वाले चिकित्सा पहचान पत्र में एकरूपता लाने के लिए बोर्ड ने प्लास्टिक से बने कार्ड को स्वीकृति दी है जिनका आकार बैंक की तरफ से जारी किए जाने वाले डेबिट या क्रेडिट कार्ड की तरह होना चाहिए.




हर कार्ड के ऊपर एक रंगीन पट्टी होगी. पट्टी का रंग कार्ड धारक की श्रेणी- सेवा में, सेवानिवृत कर्मचारी या आश्रितों की पहचान करने में मदद करेगा. गौरतलब है कि वर्तमान में रेलवे में करीब 13 लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं और इतनी ही संख्या में पेंशनधारक भी हैं. उनके सभी आश्रित हेल्थ कार्ड का इस्तेमाल करने के पात्र हैं. इससे पहले रेलवे ने अपने कर्मचारियों के लिए यात्रा अवकाश छूट का लाभ देने की घोषणा की थी.

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.