आरक्षण में हो सकता है बदलाव, नए फॉर्मूले को लेकर चार सदस्यीय कमेटी का गठन

| June 11, 2018

 मिशन 2019 के लिए बीजेपी आरक्षण कार्ड खेल सकती है. इसके तहत OBC रिजर्वेशन में नए फॉर्मूले को लागू किया जा सकता है. इसके लिए योगी सरकार ने चार सदस्यों की समिति का गठन किया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी सरकार प्रदेश में जातीय समीकरणों को बदल देना चाहती है. 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी की नजर अति पिछड़ी जातियों पर हैं, जिन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है. बीजेपी का कहना है कि अति पिछड़ी जातियों को आरक्षण का लाभ ना के बराबर मिल पा रहा है. इसलिए, बीजेपी की रणनीति है कि ओबीसी आरक्षण के भीतर एक और वर्ग बनाकर इन जातियों को अपने पक्ष में कैसे लाया जाए.








दो महीने में रिपोर्ट सौंपेगी समिति
ओबीसी आरक्षण की नई व्यवस्था को लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति का गठन किया गया है. समिति जनसंख्या और सामाजिक स्थिति के आंकड़ों पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. चार सदस्यीय इस कमेटी में रिटायर्ड जज राघवेंद्र कुमार, रिटायर्ड आईएएस जेपी विश्वकर्मा, अर्थशास्त्री भूपेंद्र विक्रम सिंह और एडवोकेट अशोक राजभर को शामिल किया गया है.यह समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौपेंगी. समिति बदली परिस्थितियों में जातियों की वर्तमान स्थिति का आकलन करेगी और आरक्षण व्यवस्था में पिछड़े वर्ग की तमाम जातियों की भागीदारी पर रिपोर्ट तैयार करेगी.








हमारा लक्ष्य सबका साथ, सबका विकास- स्वतंत्र देव सिंह
योगी कैबिनेट में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति को लेकर कहा कि वर्तमान में ऐसी बहुत जातियां हैं, जो आरक्षण व्यवस्था में स्थान नहीं पा पाती. इन जातियों को नौकरी, आरक्षण और सत्ता में भी न्याय मिलना चाहिए. इसी मकसद के साथ कमेटी बनाई गई है. हम आरक्षण की ऐसी व्यवस्था को लागू करना चाहते हैं, जिसके तहत ऐसी तमाम जातियों को आरक्षण का उचित लाभ मिले और इनका उचित विकास हो. उन्होंने कहा कि हम वोट बैंक की राजनीतिक नहीं करते हैं. जिन लोगों ने वोट नहीं भी दिया उनलोगों को भी घर दिया गया है. हमारा लक्ष्य सबका साथ और सबका विकास है.

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