सातवें वेतन आयोग का असर – ग्रुप डी को ग्रुप सी में समायोजित करने का लिया गया फैसला

| May 30, 2018

सरकार ने सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर राज्यकर्मियों का वेतन पुनरीक्षण किये जाने के कारण सरकारी सेवा में समूह घ (ग्रूप डी) को समाप्त कर उसे समूह ग (ग्रुप सी) में समायोजित करने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद बताया कि सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर 01 जनवरी 2016 के प्रभाव से राज्यकर्मियों का वेतन पुनरीक्षित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य की सेवाओं एवं पदों का फिर से वर्गीकरण किया गया।








इसके आलोक में ग्रुप डी को समाप्त कर उसे ग्रुप सी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। सिंह ने बताया कि सेवाओं एवं पदों के पुनर्वर्गीकरण के तहत समूह क, ख, ग और अवर्गीकृत समूह को रखा गया है। समूह क में पुनरीक्षित वेतन स्तर संरचना में स्तर 11 से 14, समूह ख में स्तर छह से नौ तथा समूह ग में स्तर एक से पांच तक को शामिल किया गया है। प्रधान सचिव ने बताया कि अवर्गीकृत समूह के तहत पुनरीक्षित वेतन स्तर संरचना में स्तर (-1) तथा अन्य स्तर (पे मैट्रिक्स के स्तर एक से 14 को छोड़कर) को रखा गया है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय सेवाओं के सभी पदों को समूह क में रखा गया है।




सेवाओं एवं पदों के पुनर्वर्गीकरण के तहत बिहार समूह घ नियमावली 2010 में जहां कहीं भी समूह घ यथा अनुसेवक, आदेशपाल और चपरासी शब्द का प्रयोग किया गया है उसके स्थान पर अब कार्यालय परिचारी या परिचारी शब्द का प्रयोग किया जाएगा। होगा किडनी प्रत्यारोपण, नये पद सृजित : राज्य सरकार ने पटना पीएमसीएच को विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की प्रतिबद्धता पर अमल करते हुए यहां किडनी प्रत्यारोपण शुरू करने के लिए विभाग में विभिन्न स्तर के 88 नये पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने मंगलवार को यहां बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।





अब अनुसेवक, आदेशपाल और चपरासी होंगे परिचारी या कार्यालय परिचारी, नीतीश कैबिनेट के फैसले, शिक्षकों के वेतन को 14.36 अरब मंजूर

राज्य सरकार ने राज्य के प्राथमि एवं मध्य विद्यालयों में कार्यकरत शिक्षकों को चालू वित्त वर्ष में वेतन भुगतान के लिए चौदह अरब 46 करोड़ आठ लाख रुपये विमुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद बताया कि शिक्षक एवं पंचायत शिक्षक के स्वीकृत कुल 66104 पद को वित्त वर्ष 2018-19 में वेतन भुगतान के लिए नगर निकायों, पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों को सहायक अनुदान मद में कुल 14 अरब 36 करोड़ आठ लाख रुपये की स्वीकृति एवं विमुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है।

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