सातवाँ वेतन आयोग – कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने की तैयारी में सरकार

| May 29, 2018

कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने की तैयारी में सरकार

कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने की तैयारी में सरकार, कैबिनेट आज अध्यापक, सेक्शन आॅफिसर समेत कई संवर्गों को साधने की काेशिश








चुनावी साल होने के कारण प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को खुश करने में कोई काेर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में अग्रवाल वेतन आयोग की सिफारिशें भी लागू की जा सकती हैं। इसमें छठवें वेतनमान की विसंगति दूर करना शामिल है।




बैठक में प्रदेश के कई कैडर के कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को लेकर फैसले लिए जा सकते हैं।

इनमें अध्यापक, मंत्रालय के सेक्शन ऑफिसर्स, निज सचिव, क्लर्क, प्यून, वन कर्मचारियों समेत अन्य कैडर के कर्मचारियों की मांगों पर फैसले शामिल हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रोफेशनल टैक्स से मुक्त रखने, अर्जित अवकाश बढ़ाने, सातवें वेतनमान के लिए एक और विकल्प पेश करने का मौका देने, निज सचिवों का वेतनमान केंद्र एवं अन्य राज्यों की तरह देने समेत कई निर्णय शामिल हैं।

अध्यापकों के संविलियन में आ सकता है बड़ा पेंच




अध्यापकों के संविलियन को लेकर बड़ा पेंच आ सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने देर शाम तक आयुक्त लोक शिक्षण दफ्तर से पहुंचे अफसरों की बैठक ली। शिक्षक संवर्ग का डाइंग कैडर जीवित करने, वरिष्ठता का रोड़ा खत्म करने को लेकर कुछ तय नहीं हो सका था। शासकीय अध्यापक संगठन के अध्यक्ष आरिफ अंजुम, उपेंद्र कौशल, जितेंद्र शाक्य समेत अध्यापकों के संगठनों के प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री से बात भी की। इन्हें शिक्षक संवर्ग की तरह सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता पदनाम देने को लेकर भी मसौदे में जिक्र था।

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