सीआरबी की सख्ती – खराब प्रदर्शन करने वाले 10 जोन की ली गई क्लास

| May 20, 2018

इस बार गर्मियों की छुट्टियों में उत्तर भारत की ओर जाने वाली ट्रेनें देरी से चलने की शिकायतें मिलने के बाद रेलवे बोर्ड हरकत में आ गया है। चेयरमैन रेलवे बोर्ड अश्विनी लोहानी ने समयबद्धता के मामले में बुरा प्रदर्शन करने वाले 10 जोन की क्लास ली है। इनमें मध्य रेलवे का नाम भी शामिल है। मध्य रेलवे से परिचालित होने वाली लंबी की दूरी की ट्रेनों का भी प्रदर्शन इस बार संतोषजनक नहीं रहा है।







रेलवे बोर्ड को भेजनी होगी रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार, अगले 10 दिन तक प्रभावित जोन के महाप्रबंधक सीआरबी को समयबद्धता रिपोर्ट भेजेंगे। इसमें ट्रेनें देरी से चलने के कारण भी बताने होंगे। मीटिंग में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘समयबद्धता बाधित करने के लिए जिम्मेदार तकनीकी गड़बड़ियों को रखरखाव के लिए होने वाले ब्लॉक के दौरान सुधारा जा सकता है।’




विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई मीटिंग में चेयरमैन रेलवे

बोर्ड (सीआरबी) ने ब्लॉक

के दौरान रखरखाव के कामों

पर खास ध्यान देने की हिदायत दी है। मध्य रेलवे मुंबई डिविजन 53 प्रतिशत समयबद्धता के

साथ दसवें स्थान पर है। अप्रैल महीने में मुंबई डिविजन की समयबद्धता 69 प्रतिशत रही थी और सभी डिविजन में 60वीं रैंक पर था। मध्य रेलवे के मुंबई डिविजन से महाराष्ट्र, दक्षिण भारत, उत्तर भारत और देश के पूर्वोत्तर राज्यों में ट्रेनें चलती हैं।

बंद करने होंगे लेवल क्रॉसिंग

मध्य रेलवे के अनुसार लेवल क्रॉसिंग गेट के कारण ट्रेनों के परिचालन में बाधा होती है। खास तौर पर ठाकुर्ली, दिवा और मुंब्रा लेवल क्रॉसिंग गेट के खुलने-बंद होने से काफी समय चला जाता है। ये गेट एक बार खुलने के बाद 4-5 मिनट तक बंद नहीं होती हैं। ये सभी गेट दिनभर में कम से कम 80 बार खुलते हैं। दिवा और ठाकुर्ली लेवल क्रॉसिंग के कारण सभी 6 लाइनें प्रभावित होती हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी गेट कुल मिलाकर दिन में 4 घंटे तक खुले रहते हैं।



एक अधिकारी ने बताया कि यदि ठाकुर्ली लेवल क्रॉसिंग भी बंद हो जाए, तो समयबद्धता में दस प्रतिशत सुधार हो जाएगा। गौरतलब है कि यहां रेल ओवर ब्रिज लगभग बनकर तैयार हो चुका है। यहां मध्य रेलवे लगभग 6 महीने पहले काम पूरा कर चुकी है, जबकि कल्याण-डोंबिवली मनपा को अपने हिस्से का काम करना है। लेवल क्रॉसिंग को बंद करने में स्थानीय निकाय और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लंबी दूरी की ट्रेनों का शेड्यूल बिगड़ने का प्रभाव उपनगरीय ट्रेनों के फास्ट कॉरिडोर पर भी पड़ता है।

Category: Indian Railways, News

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