36% रिजर्व रख 64% पदों पर दी जा सकती है प्रोन्नति

| May 16, 2018

लंबित प्रोन्नति पर महाधिवक्ता ने भी अपनी राय दे दी है। मंगलवार को महाधिवक्ता की राय के साथ विधि…

लंबित प्रोन्नति पर महाधिवक्ता ने भी अपनी राय दे दी है। मंगलवार को महाधिवक्ता की राय के साथ विधि विभाग ने फाइल कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग को लौटा दी। जानकारी के अनुसार एजी ने अपनी राय में एसटी और एससी संवर्ग के कर्मियों के लिए 36 फीसदी सीटों को रिजर्व रखते हुए शेष 64 फीसदी पर सामान्य श्रेणी के कर्मियों को प्रोन्नति देने की बात कही है।







उसमें यह भी कहा गया है कि 64 फीसदी सीटों पर उन्हें ही प्रोन्नति दी जाए जिन्होंने कभी आरक्षण की श्रेणी में आने के लिए तय शर्तों का लाभ नहीं लिया है। मसलन सामान्य श्रेणी के लिए तय कट ऑफ मार्क्स से कम पर उनकी नियुक्ति नहीं हुई। उम्र सीमा में छूट का लाभ नहीं लिया। प्रतियोगिता परीक्षा का फॉर्म भरते समय आरक्षित श्रेणी का होने के कारण परीक्षा शुल्क में छूट का लाभ नहीं लिया। या फिर प्रतियोगिता परीक्षा में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए तय मौकों से अधिक का लाभ नहीं लिया है।




एजी की राय के बाद राज्य सरकार को अब निर्णय करना है कि वह राज्यकर्मियों को प्रोन्नति दिये जाने के लिए किस तरिके से आदेश निकाले। उल्लेखनीय है कि फरवरी में तत्कालीन कार्मिक सचिव निधि खरे ने एक आदेश जारी कर सभी संवर्ग में प्रोन्नति पर रोक लगा दी थी। उसके बाद से हर संवर्ग के राज्यकर्मी सरकार से प्रोन्नति दिये जाने की मांग कर रहे थे। पिछले महीने मुख्य सचिव ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत में प्रोन्नति दिये जाने के लिए अविलंब रास्ता निकालने का सुझाव दिया था।

राज्यकर्मियों के प्रमोशन पर लगी रोक पर महाधिवक्ता ने दिया सुझाव, कार्मिक विभाग पहुंची फाइल

सीएम के आदेश के बाद विधि से मांगी थी राय

मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने राज्यकर्मियों की प्रोन्नति पर लगी रोक को हटाने का आदेश फाइल पर दे चुके हैं। आदेश कैसे जारी हो इसपर कार्मिक विभाग ने मंथन किया, फिर उसने वििध विभाग को राय देने के लिएफाइल भेज दी थी।




शिक्षक नियुक्ति मामले में सिंगल बेंच का आदेश निरस्त

रांची | नवउत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय के 2513 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए वर्ष 2015 में जारी मेरिट लिस्ट को अब एक बार फिर संशोधित किया जा सकता है। जैक ने हाईकोर्ट के जिस फैसले के आधार पर रिवाइज्ड मेरिट लिस्ट जारी किया था, उस आदेश को मंगलवार को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया।

अनिमेष पात्रा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर एक्टिंग चीफ जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस अमिताभ गुप्ता की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। आदेश निरस्त होने के बाद वैसे पचास से अधिक शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं जिनका नाम बाद में संशोधित लिस्ट में जोड़ा गया था।

याचिकाकर्ता के वकील मनोज टंडन ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2011 में नियुक्ति का विज्ञापन निकला। इसमें तय किया गया कि एपिरयरिंग कैंडिडेट भी परीक्षा दे सकते हैं पर इन्हें 22 सितंबर 2014 तक अपना प्रमाणपत्र देना होगा।

Category: Indian Railways, News

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