Railway Recruitment – Delay in recruitment exam is possible

| May 13, 2018

रेलवे में लगभग एक लाख भर्ती के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा में देरी हो सकती है। इसका कारण यह है कि एक लाख रिक्त पदों के लिए रिकॉर्ड दो करोड़ 37 लाख आवेदन आएं हैं। यानी एक पद के लिए 237 दावेदार हैं।.








 सभी आवेदनों की छटाई में रेल प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। इसके बाद सभी राज्यों में इतनी बड़ी संख्या में एक साथ परीक्षा केंद्रों की बुकिंग दूसरी चुनौती है। इसके बाद ही रेलवे अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र वितरण और परीक्षा कराने की स्थिति में होगी।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फरवरी में अधिसूचना जारी होने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि मई में प्रवेश पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। लेकिन एक लाख रिक्त पदों के लिए दो करोड़ 37 लाख आवेदन आने से रेलवे सकते में है। सभी आवेदनों की छटनी में रेल कर्मियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। .

अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र कब तक वितरण किए जाएंगे और परीक्षा कब तक आयोजित की जाएगी। जबकि फरवरी-मार्च में रेलवे दावा कर रहा था कि दिसंबर 2018 तक प्रवेश पत्र जारी करने, परीक्षा कराने, फिजिकल-मेडिकल टेस्ट आदि पूरा कर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए परीक्षा समय पर होना संभव नहीं दिख रहा है। .




रेलवे परीक्षा 2018 : ऑनलाइन मॉक टेस्ट से होंगे आपको ये फायदे, जरुर लें मदद

 रेलवे दुारा 90 हजार पदों पर की भर्ती के लिए होनी वाली परीक्षा के लिए उम्मीदवार बड़ी मेहनत से इस परीक्षा की तैयारी में लगे हुए है ताकि वह इस एग्जाम में सफलता पा सकें। रेलवे दुारा इन पदों पर आयोजित की  जाने वाली परीक्षा के लिए करीब पौने तीन करोड़ लोगों ने आवेदन किया है। लेकिन अब तक रेलवे यह एग्जाम कब लेगा इसके लिए कोई तारीख नहीं घोषित की गई है। चूंकि रेलवे की यह एग्जाम काफी अरसे के बाद हो रही है। इसके बाद कब होगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। इसलिए अगर आप भी इस परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो ऑनलाइन मॉक टेस्ट की मदद ले सकते है। इससे आपको एग्जाम क्रैक करने में मदद भी मिलेगी। आइए जानते है कि ऑनलाइन मॉक टेस्ट से आपके क्या – क्या फायदा हो सकता है। असली एग्जाम का अनुभव 
अगर मॉक टेस्ट किसी अच्छे एक्सपर्ट ने तैयार किए हैं तो वह इस बात का जरूर ध्यान रखता है कि वह ठीक-ठीक उसी तरह से तैयार किए जाएं, जैसा कि असली एग्जाम में पेपर्स आते हैं। इससे कैंडिडेट्स को असली एग्जाम के पहले एक तरह से रिहर्सल करने का मौका मिल जाता है।




पैटर्न को समझने में आसानी 
कॉम्पिटिटिव एग्जाम में अगर आपने पैटर्न को समझ लिया तो उसे क्रैक करना आसान हो जाता है। मॉक टेस्ट चूंकि उसी तर्ज पर बनाए जाते हैं, जैसा कि पेपर आने वाला है। इससे कैंडिडेट्स को पैटर्न को समझने में आसानी होती है।

टाइम मैनेजमेंट होगा बेहतर
मॉक टेस्ट से कैंडिडेट्स को यह समझ में आ जाता है कि उन्हें असली एग्जाम में भी सवालों को सॉल्व करने में कितना वक्त मिलेगा। इसके जरिए उन्हें इस बात का आइडिया लग जाएगा कि उन्हें किन सवालों में ज्यादा वक्त लगाना है, किनमें कम और किन सवालों में बिल्कुल भी नहीं। आखिर हर कॉम्पिटिटिव एग्जाम में स्पीड मायने रखती है।

स्ट्रेटजी बनाने में मदद 
मॉक टेस्ट से आपको पैटर्न का पता चल जाता है और साथ ही इस बात का भी आइडिया लग जाता है कि आपको किन सवालों को सॉल्व करने में कितना वक्त लगेगा, तो इससे आप असली एग्जाम के लिए अभी से बेहतर स्ट्रेटजी बना सकेंगे।

पता चलती है प्रोग्रेस 
मॉक टेस्ट से आपको तुरंत अपना इवैल्यूशन करने में आसानी होती है। इससे कैंडिडेट्स अपनी एग्जाम की तैयार की प्रोग्रेस को ट्रैक कर सकते हैं। इससे कैंडिडेट्स को यह पता चलता रहता है कि उसकी तैयारियों में कहां गैप है और उसके हिसाब से वह उसमें सुधार कर सकता है।

 

Category: Indian Railways, News

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