ट्रेनों की रफ्तार पर रोक की समीक्षा होगी, रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने सभी जीएम को किया तलब

| May 13, 2018

ट्रेनों की रफ्तार पर रोक की समीक्षा होगी, रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने सभी जीएम को किया तलब

बड़ी संख्या में ट्रेनों की भारी लेटलतीफी को लेकर सोशल मीडिया में रेलवे की काफी किरकिरी हो रही है। इसको देखते हुए रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों के साथ वीडियो क्रॉन्फ्रेंस की। इस बैठक में लोहानी ने ट्रेनों की रफ्तार पर लगाए गए प्रतिबंध की पुन: समीक्षा करने का फैसला किया है।








सूत्रों के अनुसार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष लोहानी ने शनिवार को रेल भवन में ईसीआर, ईआर, एनसीआर, एनईआर, एनएफआर, एनआर, एसईसीआर सहित आठ जोन के महाप्रबंधकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ट्रेन के समयपालन को ठीक करने पर चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि रेल संरक्षा कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने के मकसद से ट्रेनों की रफ्तार पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस कारण रेलवे की प्रीमियम ट्रेनें राजधानी, शताब्दी, दुरंतो सहित मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें बुरी तरह से पिट रही है। बिहार जाने वाली कई ट्रेनें 20 से 50 घंटे की देरी से अपने गंतव्य स्थानों पर पहुंची है। इस कारण सोशल मीडिया पर ट्रेनों की देरी को लेकर रेलवे की काफी खिंचाई हो रही है। लोहानी ने महाप्रबंधकों से कहा है कि रेल संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

संरक्षा कार्य अपनी गति व समय से पूरे होने चाहिए, लेकिन रफ्तार पर प्रतिबंध लगने से समयपालन 70 फीसदी से नीचे चला गया है। इसलिए ट्रेनों के समयपालन का भी ध्यान रखना होगा।




रेलवे में जुलाई से बदल जाएगी ये व्यवस्था, मिलेगा विमान जैसा अनुभव

रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में जुलाई माह से खाने का मेन्यु बदलने जा रहा है। परंपरागत रोटी, सब्जी, चावल-दाल के स्थान पर हवाई जहाज की तर्ज पर सीमित मात्रा में उच्च गुणवत्तायुक्त व स्वादिष्ट खाना दिया जाएगा। साथ ही खाने की आपूर्ति ट्रॉली से होगी। इसके अलावा सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में नई डिजाइन की मिनी पेंट्रीकार लगाई जाएगी। इसमें स्टोरेज व वॉशिंग के लिए पर्याप्त जगह होगी। ट्रेनों में खानपान सेवा की कमान आईआरसीटीसी निरीक्षकों के हाथ में होगी। जो मौके पर ही ठेकेदारों पर जुर्माना ठोक सकेंगे।




रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने पत्रकारों को बताया कि कैटरिंग क्षेत्र में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए हैं। इसमें सबसे पहला काम राजधानी, शताब्दी, दुरंतो ट्रेनों में मैन्यु की फेहरिस्त छोटी की जाएगी। जुलाई माह से इन ट्रेनों में हवाई जहाज की तर्ज पर ‘रेडी टू ईट’ सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा शताब्दी व राजधानी के मेन्यु में बदलाव किया जाएगा।

गरीब रथ ट्रेनों में लगेगी पेंट्रीकार

लोहानी ने कहा कि जून माह से सभी गरीब रथ ट्रेनों में मिनी पेंट्रीकार लगाने का कार्य आंरभ होगा। इसके लिए कोच में चार में से एक शौचालय को हटा दिया जाएगा। प्रयोग सफल होने पर चरणबद्ध तरीके से सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में मिनी पेंट्रीकार लगाने का काम किया जाएगा। मेल-एक्पप्रसे ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आईआरसीटीसी के कैटरिंग निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी। उनको अधिक शक्तियां दी जाएंगी, जिससे घटिया-बासी खाना होने पर कैटरिंग निरीक्षक  त्वरित आधार पर ठेकेदार पर जुर्माना लगा सकेंगे। ठेकेदार प्रत्येक ट्रेन में दस प्वांइट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन वितरित करेंगे। कुल तीन हजार पीओएस खरीदी जाएंगी। खानपान बिक्री का सामान पीओस से किया जाएगा और यात्रियों को इसका बिल भी दिया जाएगा।

68 बेस किचन में 16 का निर्माण कार्य पूरा 

आईआरसीटीसी के सीएमडी एम.पी. मल ने बताया कि देशभर में कुल 68 बेस किचन बनाए जा रहे हैं। इनमें से 16 का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि दिसंबर 2019 तक सभी बेस किचन बनकर तैयार हो जाएंगे। खान पकाने का काम आईआरसीटीसी करेगा। वहीं, ट्रेनों में आपूर्ति के लिए कैटरिंग क्षेत्र के पेशवरों को ठेके दिए जाएंगे। खाने की गुणवत्ता की परख के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा। ट्रेन में वेंडरों को नई यूनिफार्म दी जाएगी। सभी ट्रेनों में वेंडरों की यूनिफार्म एक जैसी होगी। इस पर वेंडर की नेम प्लेट होगी।

Category: Indian Railways, News

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