Before 2019 Elections – Issue of increasing Retirement age props up, Will Center follow?

| May 11, 2018

आम चुनाव 2019 से पहले प्रदेश सरकार राज्यकर्मियों को सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) उम्र सीमा दो साल बढ़ाने का तोहफा दे सकती है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार द्वारा सीएम को लिखे गए पत्र से इसकी संभावना बढ़ गई है। वहीं प्रदेश के 16 लाख राज्यकर्मियों की निगाहें अब सरकार के फैसले पर लगी हैं। कर्मचारी संगठन भी उम्र बढ़ाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। .









उच्च पदस्थ सूत्रोंने बताया हैं कि हाल ही में नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने राज्यकर्मियों की रिटायरमेंट की उम्र दो वर्ष बढ़ाने का एक प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इस पर उच्चस्तर पर मंथन चल रहा है। सरकार देख रही है कि अगर इसे लागू किया जाए तो कितना वित्तीय भार पड़ेगा और क्या लाभ-हानि होंगे। इन बिंदुओं पर नियुक्ति विभाग से टिप्पणी मांगी गई है। .


वहीं केंद्रीय मंत्री द्वारा पत्र लिखे जाने पर कर्मचारियों ने मांग तेज कर दी है। दूसरी ओर आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजुकेशन पहले ही कह चुकी है कि तकनीकी शिक्षकों की रिटायर होने की आयु सीमा 62 की जाए। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका भी दायर है। इस मद्देनज़र मंथन चल रहा है। जानकारों का दावा है कि सरकार लोकसभा चुनाव 2019 से पहले इस पर मुहर लगा सकती है।प्रदेश सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सरकार राज्य और कर्मचारी हित के मद्देनज़र हर कदम उठाने को तैयार है। इस प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। .

बसपा सरकार के समय भी हुई थी कवायद: प्रदेश में मायावती के नेतृत्व वाली बसपा सरकार के समय भी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। .

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल है। इस फैसले को दूसरे कुछ राज्यों ने भी लागू किया है। भाजपा की सरकार बनने के साथ ही पिछले वर्ष 2017 में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई थी।.

‘ सरकारी विभागों में भर्तियों की गति धीमी हो सकती है.

‘ विकास योजनाओं के लिए उत्साही युवा मानवशक्ति का अभाव रहेगा.

‘ सरकार अपनी विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा सकेगी.

‘ रिटायरमेंट पर देय भारी-भरकम भुगतान से दो साल राहत मिलेगी.

उत्तर प्रदेश में नवंबर 2001 में राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में राज्यकर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष की गई थी। अब प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार है इसलिए रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की संभावना अधिक नजर आ रही है। वहीं भाजपा शासित छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से 62 वर्ष किया गया है, इससे भी माना जा रहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार भी इसे लागू करेगी। .

वर्ष सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव किया गया था बसपा सरकार में.

वर्ष सेवानिवृत्ति की उम्र की थी राजनाथ सिंह सरकार ने.

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल है। इस फैसले को दूसरे कुछ राज्यों ने भी लागू किया है। भाजपा की सरकार बनने के साथ ही पिछले वर्ष 2017 में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई थी।.




‘ सरकारी विभागों में भर्तियों की गति धीमी हो सकती है.

‘ विकास योजनाओं के लिए उत्साही युवा मानवशक्ति का अभाव रहेगा.

‘ सरकार अपनी विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा सकेगी.

‘ रिटायरमेंट पर देय भारी-भरकम भुगतान से दो साल राहत मिलेगी.

उत्तर प्रदेश में नवंबर 2001 में राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में राज्यकर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष की गई थी। अब प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार है इसलिए रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की संभावना अधिक नजर आ रही है। वहीं भाजपा शासित छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से 62 वर्ष किया गया है, इससे भी माना जा रहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार भी इसे लागू करेगी। .

Category: Indian Railways, News

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