Railway’s complaint box is in disarray

| May 10, 2018

ट्रेनें लेट होने के साथ, ही अन्य समस्याओं की आ रहीं शिकायतें, ट्विटर ही नहीं लिखित शिकायत तक की हो रही अनदेखी, रेलवे की असुविधा एक्सप्रेस-8 – शिकायतों का रेलवे में स्वागत है, सुनवाई की गारंटी नहीं

गर्मी का मौसम होने के बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान यात्रियों ने ट्विटर व वॉट्सऐप पर शिकायतों की आंधी ला दी है। रोज आने वाली हजारों शिकायतों से रेल अधिकारियों को पसीना छूट रहा है। ट्रेनें लेट होने के साथ ही अवैध वेंडिंग समेत अन्य समस्याएं सोशल मीडिया पर रखने के साथ ही गार्ड, स्टेशन मास्टर व डिप्टी एसएस के पास उपलब्ध शिकायत पुस्तिकाओं पर भी दर्ज करवाई जा रही हैं। समय पर संचालन के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं सुधारने में नाकाम अधिकारी गोलमोल जवाब देकर बचने में जुटे हैं।








रेलयात्रियों की सबसे ज्यादा शिकायतें नैशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) व ट्रेनों की लेटलतीफी से जुड़ी होती हैं। एनटीईएस पर गलत फीडिंग या ट्रेनों के लेट होने की जानकारी अपडेट न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े स्टेशनों पर वेटिंग हॉल, रिटायरिंग रूम व वीआईपी लाउंज में लगे एसी के काम करने की शिकायतें हो रही हैं।

3 रुपये प्रति मिनट के खर्च पर भी सुनवाई नहीं

139 पर तीन रुपये प्रति मिनट की प्रीमियम कॉल व तीन रुपये का प्रीमियम मैसेज भेजने के बावजूद यात्रियों को सही जानकारी नहीं मिल पाती है। आरोप है कि एक ही ट्रेन या एक ही पीएनआर के लिए कई मैसेज करने के बाद जवाब मिलता है।

खुद रेलकर्मी भी परेशान




ट्रेनों में चलने वाले टीटीई भी कई बार रेलयात्रियों की समस्याओं का समाधान करने में मदद न मिलने पर खुद शिकायत करने पर विवश हैं। भोपाल एक्सप्रेस के कोच अडेंटेंड सोमवार रात जीआपरी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ड्यूटी पर नहीं आए। नतीजन यात्रियों को बेडरोल तक नहीं मिल सके। इसे लेकर यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। कहासुनी होने पर कोच कंडक्टर ने डीसीएम व एसीएम से लेकर कमर्शल कंट्रोलर तक का फोन मिलाया। कॉल रिसीव न होने पर दूसरे माध्यम से मदद मांगी। इसके बाद ट्रेन के लखनऊ पहुंचने पर दूसरे कोच अटेंडेंट को भेजकर स्थिति संभाली गई।

बुलेट ट्रेन छोड़ो, पहले मेल-एक्सप्रेस तो चलाओ

दून एक्सप्रेस की लेटलतीफी से परेशान यात्री राजेंद्र शर्मा ने नाराजगी जताते हुए शिकायत दर्ज करवाई। राजेंद्र ने लिखा कि बुलेट ट्रेन का सपना छोड़ो, पहले मेल व एक्सप्रेस तो चला लो।

वरुणा एक्सप्रेस के दैनिक यात्री ने पिछले 18 महीने से ट्रेन के लगातार लेट होने पर नाराजगी जताते हुए शिकायत दर्ज करवाई है।




बाराबंकी के दैनिक यात्री राजीव सिन्हा के अनुसार छह महीने से दैनिक यात्रियों की ज्यादातर ट्रेनें बाराबंकी से लखनऊ के बीच की 28 किमी की दूरी 45 मिनट की जगह दो से ढाई घंटे में पूरी कर रही हैं।

1520 शिकायतें, समस्या जस की तस

साल भर पहले ट्विटर पर एक शिकायत मिलते ही लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के अफसर सतर्क हो जाते थे। एक ही ट्वीट पर ट्रेन में बच्चों के लिए दूध तक मुहैया करवा दिया जाता था। हालांकि अब ट्विटर पर शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। गंगा-गोमती एक्सप्रेस के दैनिक यात्री अरुण शुक्ल ने साल भर में ट्विटर पर 1520 शिकायतें दर्ज करवाईं। बावजूद इसके 90 प्रतिशत शिकायतों को रेलवे ने तवज्जो नहीं दी।

जेटीबीएस संचालक कर रहे अवैध वसूली

शहर में जगह-जगह खुले जन साधारण टिकट बुकिंग काउंटर्स (जेटीबीएस) पर यात्रियों से टिकट पर दर्ज किराए से अधिक वसूली हो रही है। तमाम शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं हो रहा। रेलवे अधिकारी कार्रवाई के नाम पर मामूली जुर्माना लगाकर एजेंसी को छोड़ देते हैं।

शिकायती ग्राफ

4310 कुल यात्रियों ने मदद ऐप पर शिकायतें की

2120 का निराकरण हुआ

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3940 शिकायतें स्टेशनों पर दर्ज हुईं

900 पर ही कार्रवाई हुई

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इनमें से ज्यादातर शिकायतें टिकट रिफंड, टीटीई द्वारा रिश्वत लेकर बर्थ देना, कोच में पानी की किल्लत, आउटर पर ट्रेनों के खड़े रहने या फिर सिग्नल फेल होने की हैं। इतना ही नहीं ट्रेनों में आरएसी व वेटिंग के यात्रियों को बर्थ देने में टीटीई की मनमानी, बेडरोल गंदा होने और कोच की समुचित सफाई न किए जाने की शिकायतें भी शामिल हैं।

लखनऊ मंडल में रोज औसत शिकायतें

ट्विटर पर 24

लिखित में 6

यहां मांगें मदद

‘मदद’ ऐप पर करें शिकायत

रेलवे में अब तक फेसबुक, ट्विटर, मेल, ऑनलाइन, एसएमएस और मोबाइल से शिकायत करने की सुविधा दे रखी है। वहीं अब ऐप की मदद से शिकायत दर्ज करवाने की भी सुविधा शुरू की गई है। अफसरों का दावा है कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मोबाइल ऐप्लीकेशन फॉर डिजायर्ड असिस्टेंस ड्यूरिंग ट्रैवल ‘मदद’ ऐप लॉन्च किया गया है। इसकी मदद से यात्री कोई भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

ट्विटर नार्दर्न रेलवे डीआरएम: @drmlko25

ट्विटर नार्थ ईस्टर्न रेलवे डीआरएम: @drmljn

सभी तरह की शिकायतें- 182

मिकेनिकल हेल्पलाइन एनआर 9794833414

मिकेनिकल हेल्पलाइन एनईआर 9794842457

कमर्शल कंट्रोल हेल्पलाइन एनआर 9794834924

कमर्शल कंट्रोल हेल्पलाइन एनईआर 9794846989

एसएमएस 150 शब्द तक: 09717630982

ट्रेन इन्क्वायरी हेल्पलाइन: 139

केटरिंग हेल्पलाइन: 1800-111-321

आईआरसीटीसी कम्प्लेंट वेबसाइट- irctc.com

Category: Indian Railways, News

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