3 दिनों की हड़ताल पर भारतीय रेलवे की कर्मचारी यूनियन, जानें क्या होगा असर?

| May 9, 2018

रेलवे कर्मचारियों की यूनियन ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं किए जाने और निजीकरण के प्रयासों के खिलाफ आज रेलवे की एम्पलॉई यूनियन नें देशभर में 72 घंटों की क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है

 रेल कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिवसीय (24-24 घंटे की) क्रमिक भूख हड़ताल का ऐलान किया है। इसकी शुरुआत मंगलवार 8 मई को सुबह 8 बजे शुरू होगी, जो 11 मई को सुबह 8 बजे तक चलेगी। तीन दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल में करीब 3 लाख से अधिक कर्मचारी शामिल होंगे। इसका ऐलान आज यहां ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन(एआईआरएफ) के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने किया।








मिश्रा के मुताबिक इस आयोजन में ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन से संबद्ध सभी यूनियनें पूरे भारत वर्ष में अपने-अपने शाखाओं के स्तर पर भूख हड़ताल करने जा रही हैं। इसमें भारी संख्या में रेलकर्मी शिरकत करेंगे और अपनी मांगो को शीघ्र हल करने की पुरजोर माँग करेंगे। मिश्रा ने बताया कि यदि इसके बावजूद कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आता है तो सीघे संघर्ष के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचेगा। इसकी सारी जिम्मेदारी भारत सरकार और और रेल मंत्रालय की होगी।




बता दें कि केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय द्वारा दो वर्ष पूर्व ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन(एआईआरएफ) के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र एवं केन्द्रीय कर्मचारियों के अन्य विभागों के प्रतिनिधियों के साथ ‘मंत्री समूह’ के साथ बैठक हुई थी। बैठक में सांतवे वेतन आयोग के द्वारा संस्तुति न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फार्मूला में सुधार, राष्ट्रीय पेंशन नीति (नई पेंशन नीति) में गारन्टेड पेंशन की व्यवस्था से सम्बन्धित स्पष्ट आश्वासन के बावजूद ‘जुलाई 2016’ से आहूत केन्द्रीय कर्मचारियों की ‘अनिश्चिकालीन हड़ताल’ को स्थगित करने का निर्णाय लिया गया।

लेकिन, इतना लम्बा समय बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई सकारात्मक परिणााम सामने नहीं आया। शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि भारत सरकार एवं रेल मंत्रालय के उपरोक्त मांगों के प्रति उदासीनता एवं ढूलमूल रवैये के मद्देनजर ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन मजबूर होकर क्रमिक भूख हड़ताल पर जाने का फैसला लिया।




कर्मचारियों की यूनियन ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं किए जाने और निजीकरण के प्रयासों के खिलाफ आज से देशभर में 72 घंटों की क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है. रेलवे की एम्पलॉई यूनियन की इस हड़ताल से कई तरह की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.

11 मई तक चलेगा अनशन
आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) ने एक बयान में कहा कि उनकी केंद्र सरकार के संगठनों, गृह मंत्री, वित्त मंत्री, रेलवे मंत्री और रेल राज्य मंत्री के साथ कई बैठकें हुईं. लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ. अनशन 11 मई तक लगातार 72 घंटे चलेगा. इससे रेलवे सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, साथ ही ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है.

इन मांगों को लेकर किया जा रहा है अनशन

 केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के संबंध में सरकार से कई बार अनुरोध किए गए. लेकिन अभी तक कोई सार्थक नतीजा नहीं निकला, जबकि करीब दो साल बीत चुके हैं. बयान के अनुसार कर्मचारियों की मांगों में सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद विसंगतियों को दूर किया जाना, एनपीएस के दायरे में आने वाले सभी कर्मचारियों के लिए पेंशन की गारंटी और पारिवारिक पेंशन का प्रावधान, निजीकरण के प्रयास को समाप्त करना आदि शामिल हैं.

Category: Indian Railways, News

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