एनपीएस में आने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत – तीन साल की नौकरी होने पर निकाल सकेंगे 25% राशि

| May 4, 2018

सरकार की सेवा में 1 जनवरी 2005 के बाद आए कर्मचारी तीन साल की नौकरी होने पर नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में जमा हुई राशि का 25 फीसदी निकाल सकेंगे। इस दायरे में शासकीय सेवक, अध्यापक संवर्ग में शामिल शिक्षक, पंचायत सचिव एवं अन्य कर्मचारी आएंगे। सरकार द्वारा दी गई इस सुविधा का लाभ प्रदेश के करीब 5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। 13 साल से इन कर्मचारियों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा था। इस बारे में बुधवार को वित्त विभाग के प्रमुख सचिव पंकज अग्रवाल ने आदेश जारी कर दिए हैं।







कर्मचारियों को 13 साल से नहीं मिल रहा था स्कीम का फायदा

इसलिए कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है एनपीएस
हर महीने वेतन से 10 प्रतिशत कटौती, इतना ही अंश राज्य सरकार भी देती है
बच्चों की शादी, मकान बनवाने और बीमारी का इलाज कराने काम आता है यह पैसा
एनपीएस में कर्मचारी के वेतन से हर महीने 10 प्रतिशत राशि काटी जाती है, इतना ही अंश राज्य सरकार का होता है। इस राशि का सरकार इन्वेस्टमेंट कर कर्मचारियों को लाभ देती है। प्रदेश में फिलहाल एनपीएस के दायरे में डायरेक्टर पेंशन के अंतर्गत 1 लाख 75 हजार, लोक शिक्षण के 1 लाख 73 हजार और आदिम जाति कल्याण के 48 हजार कर्मचारी समेत अन्य विभागों के कर्मचारी भी हं। ये सभी कर्मचारी बच्चों की शादी, मकान बनाने और गंभीर बीमारी होने की स्थिति में उचित कारण बताने पर जमा हुई राशि में से 25 फीसदी का आहरण कर सकेंगे।
एनपीएस के दायरे में आने वाले कर्मचारी तीन साल की सेवा पूरी होने पर 25 फीसदी राशि का आहरण कर सकेंगे।
-नितिन नांदगांवकर, डायरेक्टर, पेंशन



NPS सब्सक्राइबर्स के लिए राहत, अब पढ़ाई- बिजनेस के लिए कर पाएंगे आंशिक निकासी

पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने आज कहा है कि नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के सदस्यों के पास अब नया विकल्प होगा। इस विकल्प के तहत वे अपने खाते से उच्च शिक्षा या नया बिजनेस सेट अप करने के लिए आंशिक निकासी कर सकेंगे।

यह फैसला बीते हफ्ते पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण की हुई बोर्ड मीटिंग में लिया गया गया था। पीएफआरडीए ने अपने बयान में बताया, “नेंशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के सदस्यों को अपना रोजगार सुधारने या नए कौशल को प्राप्त करने के लिए उच्च शिक्षा/ व्यवसायिक व तकनीकी योग्यता के लिए आंशिक निकासी की मंजूरी दे दी गई है।”

इसके अतिरिक्त जो एनपीएस सदस्य अपना नया व्यवसाय या नये व्यवसाय के अधिग्रहण लिए भी अपने योगदान से आंशिक निकासी कर सकते हैं। एनपीएस सरकार का फ्लैगशिप सोशल सिक्योरिटी प्रोग्राम है।



बोर्ड ने एक्टिव च्वाइस कैटेगरी में इक्विटी निवेश की सीमा को भी बढ़ाने का फैसला किया है। एनपीएस के प्राइवेट सेक्टर सब्सक्राइबर्स के लिए इस सीमा को अब 75 फीसद किया जाएगा जो कि अभी तक सिर्फ 50 फीसद की थी।

हालांकि, इक्विटी में निवेश बढ़ाने की सुविधा सदस्यों को उनकी 50 वर्ष की आयु तक मिलेगी। एनपीएस सदस्यों को खुद का पोर्टफोलियो डिजाइन करने के लिए दो ऑप्शन्स देते हैं- ऑटो च्वाइस और एक्टिव च्वाइस। जो सदस्य एक्टिव च्वाइस के विकल्प का चयन करते हैं वे ऑल्टरनेट इंवेस्टमेंट फंड में पांच फीसद तक निवेश कर सकते हैं। यह तीन रेग्युलर इंस्ट्रूमेंट्स- इक्विटी, जी सेक और कोरपोरेट बॉण्ड्स के अतिरिक्त हैं।

Category: News

About the Author ()

Comments are closed.