Railway employees are compromising with safety

| April 27, 2018

जान जोखिम में डालकर काम कर रहे रेल कर्मचारी, वीडियो हुआ वायरल

कोटा रेल मंडल के चंबल पुल के पास का विद्युत तारों (ओएचई ) के रख-रखाव का काम किए जाने का एक वीडियो वायरल होने से हड़कंप मचा हुआ है। इस वीडियो में दिखाया जा रहा है कि रेलकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली के तारों की रखरखाव का काम करते नजर आ रहे हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि वीडियो को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। यदि ऐसा हुआ है तो गंभीर है। इस मामले की जांच करवाकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों को दंडित किया जाएगा।







ट्रेनों के संचालन के काम आने वाले उच्च क्षमता के विद्युत तारों की मरम्मत का यह वीडियो 24 अप्रैल का बताया जा रहा है। जिसमें चंबल किनारे पर आधा दर्जन से अधिक रेलकर्मी पटरी किनारे लगे खंबे के सहारे सीढ़ियां लगाकर बिजली के तारों की मरम्मत का काम कर रहे हैं और वीडियो में नीचे से ट्रेन निकल रही है। ट्रेन कोटा-हनुमानगढ़ बताई गई है जो कोटा के प्लेटफार्म नंबर वन ए पर आ रही थी।



ओएचई कार्य के लिए पावर ब्लॉक लेना जरूरी है

इस बारे में सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश का कहना है कि टीआरडी व सेफ्टी विभाग के अधिकारियों से चर्चा करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। यदि ऐसा हुआ है तो जांच करवाएंगे। सीनियर डीएसओ डॉ. आरएन मीणा ने बताया कि वीडियो को देखकर उसकी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि नियमानुसार ओएचई की मरम्मत के लिए पहले पावर ब्लॉक लेना होता है। पावर ब्लॉक मिलने के बाद स्टेशन मास्टर पैनल पर पीला बटन लगा देता है।




इसका अर्थ यह होता है कि इस लाइन पर किसी ट्रेन को नहीं लिया जाएगा। पावर ब्लाॅक में तारों में बिजली का करंट नहीं रहे इसलिए उसे डिस्चार्ज किया जाता है। एक तार को रेल पटरी पर तथा दूसरे को तार से जोड़ा जाता है। इस बारे में रेलवे टीआरडी विभाग के अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।

Category: Indian Railways, News

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