Railway to refurbish catering services in trains

| April 26, 2018

अपनी रसोई से भोजन परोसने की तैयारी कर रहा है रेलवे, ट्रेन में परोसने के लिए ठेकेदारों को रेलवे की रसोई से लेना होगा भोजन, ट्रेनों में खानपान का नया ठेका देने के साथ लागू होगी नई व्यवस्था

रेलवे खानपान की व्यवस्था के व्यापक सुधार में लगा हुआ है ताकि यात्रियों को गुणवत्तायुक्त भोजन मिल सके। इसके लिए ट्रेनों में नाश्ता-भोजन परोसने वाले ठेकेदारों को रेलवे की रसोई से नाश्ता व खाना लेना होगा। यह व्यवस्था ट्रेनों में खानपान के नया ठेका देने के साथ ही शुूरू होगा। इसके लिए आईआरसीटीसी रसोई (बेस किचन/उत्पादन यूनिट) को आधुनिक बना रहा है। रेलवे की ओर से सौंपे गये छोटे-बड़े 257 रसोई में से चार दर्जन को आईआरसीटीसी आधुनिक बना चुका है,जिससे गुणवत्तायुक्त भोजन तैयार किया जा सके।








रेलवे खानपान की नई नीति बनाने के साथ खानपान सेवाओं के परिचालन की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी को सौंप रखी है। नई नीति के मुताबिक भोजन बनाने की जिम्मेदारी एक एजेंसी और उसे परोसने की जिम्मेदारी दूसरी एजेंसी को होगी। ऐसे में ट्रेनों में भोजन परोसने वाले ठेकेदारों को भोजन रेलवे की रसोई से लेनी होगी। इसी रसोई में नाश्ता और खाना तैयार होगा और फिर उन्हें ट्रेनों में आपूत्तर्ि के लिए दिया जाएगा। इस व्यवस्था में दो एजेंसियां शामिल होने के कारण खाने की गुणवत्ता बेहतर हो सकेगी।




दोनों की एजेंसियों खाना पकाने और परोसने वाली एजेंसियों पर आईआरसीटीसी की निगरानी होगी। लेकिन यह व्यवस्था नये ठेकों के साथ शुरू होगी। अभी ठेकेदार अपनी रसोई या पेंट्री कार में खाना पका रहे हैं। इस सिलसिले में आईआरसीटीसी रसोई को आधुनिक बनाने की तैयारी में लगा हुआ है, जिससे रसोई में उत्पादन बढ़ायी जा सके और गुणवत्ता बेहतर हो सके। अब जल्दी ही ट्रेनों में खानपान के नये ठेके दिये जाने का समय आना वाला है।




लिहाजा आईआरसीटीसी कुछ महीनों के दौरान 46 रसोई को दुरुस्त कर चुका है और बाकी रसोई को आधुनिक बनाया जा रहा है। जाहिर है कि जैसे-जैसे ये रसोई आधुनिक होते जाएंगे और वैसे-वैसे नये ठेका देना शुरू हो जाएगा। यह सभी रसोई ऐसे स्टेशनों और शहरों में हैं,जहां से सैकड़ों ट्रेनें गुजरती हैं। लिहाजा उन सभी लंबी दूरी, कम दूरी और स्टेशन के स्टॉलों पर भी यहां से नाश्ता-भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

Category: Indian Railways, News

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