अफसरों के 500 करोड़ रुपए जीपीएफ में डाले, कर्मचारियों के खाते में आएंगे 1000 करोड़

| April 25, 2018

राज्य सरकार ने अधिकारी-कर्मचारियों के सातवें वेतनमान के एरियर की पहली किस्त के 500 करोड़ रुपए भविष्य निधि खाते (जीपीएफ) में डाल दिए हैं, जबकि इस राशि का उन्हें नकद भुगतान किया जाना था। सिर्फ तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को एरियर की 50 फीसदी राशि ही नकद दी जाएगी, बाकी 50 फीसदी राशि जीपीएफ में डाली गई है। 1 जनवरी 2005 के बाद भर्ती हुए करीब 50 हजार कर्मचारी जो राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत आते हैं, उन्हें एरियर की राशि का नकद भुगतान किया जाएगा। इस तरह कर्मचारियों के खाते में 1 मई को करीब 1000 करोड़ रुपए की राशि सीधे आएगी।








प्रदेश के लगभग 4 लाख 35 हजार कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के एरियर की 4500 करोड़ रुपए की राशि का तीन किस्तों में भुगतान किया जाना तय किया गया था। इसके तहत पहली किस्त का भुगतान 1 मई को किया जाना था, जिसके तहत 1500 करोड़ रुपए का नकद भुगतान किया जाना था, जिसमें से सिर्फ 1000 करोड़ रुपए का ही भुगतान किया गया। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव पंकज अग्रवाल के मुताबिक कर्मचारियों को नकद भुगतान भी किया गया है, सिर्फ अधिकारियों की राशि ही जीपीएफ में डाली गई है।




 तीन किस्तों में दी जानी है 4500 करोड़ रु. की राशि
1500 करोड़ रु. की पहली किस्त जारी, 1 मई से 4.35 लाख लोगों को फायदा
जनवरी 2005 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को एकमुश्त भुगतान
सरकार ने एक जनवरी 2005 के बाद भर्ती हुए कर्मचारी जो राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत भर्ती हुए हैं, उन्हें एरियर की राशि का एकमुश्त भुगतान होगा। इन कर्मचारियों की संख्या प्रदेश भर में 50 हजार के करीब है। इनमें अधिकांश कर्मचारी व्यापमं द्वारा ली गई परीक्षाओं और पीएससी से चयनित हैं।




17 महीने का एरियर
दूसरी किस्त मई 2019 और तीसरी मई 2020 में
वित्त विभाग ने बीते साल 22 जुलाई को सातवें वेतनमान दिए जाने के आदेश जारी किए थे, जिसके अनुसार उन्हें पुनरीक्षण वेतनमान का लाभ 1 जनवरी 2016 से दिए जाने का फैसला लिया गया था। कर्मचारियों को वेतनमान का नकद भुगतान भी अगस्त के वेतन में 2017 में किया गया था। इस आदेश में 1 जनवरी 2016 से जून 2017 के बीच 17 महीने के एरियर का भुगतान तीन किस्तों में करने का निर्णय लिया गया। इसमें पहली किस्त मई 2018, दूसरी मई 2019 और तीसरी किस्त का भुगतान मई 2020 में किया जाएगा। तीन किस्तों में यह राशि 4500 करोड़ रुपए देय हैं।

Category: News, Seventh Pay Commission

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