ट्रेन के सर्विस कैप्टन यात्रियों के लिए होंगे अलादीन का चिराग

| April 20, 2018

ट्रेन में यात्रियों की समस्या के समाधान के लिए रेलवे ‘अलादीन के चिराग’ की व्यवस्था करने जा रहा है। इससे सर्विस कैप्टन का नाम दिया जाएगा। जो यात्री की समस्या पलक झपकते दूर कर देगा। चाहे खराब पंखे को ठीक करना हो या बीमार यात्री को दवा देनी हो। 1ट्रेन में यात्रियों को अक्सर शिकायत रहती है कि कोच में पानी नहीं है, खाना नहीं मिला, बिजली के उपकरण खराब हैं, बीमार होने पर दवाई की व्यवस्था नहीं हुई। इन सभी काम के लिए यात्रियों को वर्तमान में अलग-अलग रेलवे विभाग के कर्मियों से सम्पर्क करना पड़ता है। कई घंटे के बाद आधी अधूरी एं मिल पाती हैं।








रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की समस्या का एकल व तत्काल समाधान के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की समिति का गठन किया था। समिति के सुझाव पर अमल करने की तैयारी में अब अधिकारी जुट गए हैं। इसके तहत रेलवे ट्रेन में एक या दो सर्विस कैप्टन तैनात करेगा। इनकी यूनिफार्म अलग होगी। यूनिफार्म में कई पॉकेट होंगी। एक बिजली उपकरण आदि के मरम्मत के लिए औजार होंगे। दूसरे में सर्दी बुखार, दर्द की दवा होगी। ऐसे ही अलग-अलग पॉकेट में वाकीटाकी, सुझाव व शिकायत पुस्तिका होगी। काकरोच मारने व चूहा भगाने की व्यवस्था होगी। सर्विस कैप्टन ट्रेन में घूमता रहेगा। सभी कोच में सर्विस कैप्टन का मोबाइल नंबर अंकित होगा।




शिकायत मिलते ही सर्विस कैप्टन तत्काल समस्या का समाधान करेगा। यात्री के अनुरोध पर पैंट्रीकार या अगले स्टेशन पर खाना भी उपलब्ध कराएगा। गंभीर रूप से बीमार यात्री को इलाज के लिए अधिकारियों से सम्पर्क कर विशेषज्ञ चिकित्सक और एम्बुलेंस मंगाने का भी काम करेगा। 1जूनियर इंजीनियर या मास्टर क्राफ्ट मैन बनेंगे सर्विस कैप्टन : सर्विस कैप्टन में जूनियर इंजीनियर या मास्टर क्राफ्ट मैन जैसे कर्मियों को दो साल के लिए तैनात किया जाएगा। सर्विस कैप्टन का चयन करने के लिए मंडल रेल प्रबंधक द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई जाएगी, जो रेलवे अधिकारियों के सीधे सम्पर्क में रहेगा।




’>>यात्रियों की समस्याओं का पलक झपकते हो जाएगा समाधान1’>>रेलवे बोर्ड शीघ्र पायलट प्रोजेक्ट लागू करने की तैयारी में जुटाट्रेनों में सर्विस कैप्टन तैनात करने पर बोर्ड स्तर पर विचार किया जा रहा है। सर्विस कैप्टन तैनात होने पर यात्रियों को तत्काल उपलब्ध होगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मुरादाबाद होकर गुजरने वाली लखनऊ मेल, राजधानी, शताब्दी में इसे शुरू करने का प्रस्ताव है। 1अजय कुमार सिंघल, मंडल रेल प्रबंधक

Category: Indian Railways, News

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