प्रशिक्षक बनने पर एक किराए में मिलेगा दो क्वार्टर

| April 19, 2018

 प्रशिक्षकों की कमी से रेलवे कर्मियों को ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए रेल प्रशासन अच्छी देने की बात कह रहा है। इसके तहत अगर कोई कर्मी प्रशिक्षक बनता है तो उसे एक ही किराया पर दो जगहों पर क्वार्टर दिया जाएगा। 1बढ़ती ट्रेन दुर्घटनाएं, यात्रियों के साथ रेल कर्मियों का अभद्र व्यवहार आदि के पीछे कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण न मिलना माना जा रहा है।








हालांकि रेलवे ने देश भर में कई स्थानों पर प्रशिक्षण स्कूल खोल रखा है। रेल मंडल मुख्यालय पर भी इस तरह के स्कूल स्थापित हैं लेकिन लंबे समय से इनमें प्रशिक्षकों की भर्ती नहीं की गई है। इसके कारण स्कूलों में ट्रेंड प्रशिक्षकों का खासा अभाव है। रेल प्रशासन सीनियर कर्मचारी को विशेष प्रशिक्षण देकर दो साल के लिए प्रशिक्षक तैनात करता है। दो साल बाद कर्मचारी मूल पद और स्थान पर लौट आता है। प्रतिनियुक्ति के दौरान प्रशिक्षक बने कर्मियों को तैनाती वाले स्थान पर मिले क्वार्टर को छोड़ना पड़ता है।




इससे रेलवे कर्मचारी प्रशिक्षक नहीं बनना चाहते हैं। इसके कारण ट्रेनिंग स्कूल प्रशिक्षक विहीन हो गए हैं। मानदेय कम होने से सेवानिवृत्त अधिकारी भी प्रशिक्षण देने नहीं जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे बोर्ड ने विशेष आदेश जारी किया है। 1रेलवे बोर्ड के अधिशासी निदेशक (ईआरपी) राजीव कुमार गोयल ने पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि प्रशिक्षक पद पर प्रति नियुक्त किए जाने वाले कर्मचारियों को मूल तैनाती वाले स्थान पर मिले रेलवे क्वार्टर को छोड़ना नहीं पड़ेगा।




इसके अलावा प्रशिक्षक बनने के बाद उस स्थान पर भी क्र्वाटर मिलेगा जहां उन्हें भेजा जाएगा। यानी प्रशिक्षक को एक किराए में दो जगह क्वार्टर मिलेगा। 1मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि उक्त व्यवस्था के बाद ट्रेनिंग स्कूलों में प्रशिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी।’>>ट्रेनिंग स्कूलों में प्रशिक्षकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास 1’>>अधिक से अधिक रेल कर्मियों को ट्रेनिंग देने की योजना

Category: Indian Railways, News

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