सावधान! गलत रिटर्न भरने वाले सैलरीड टैक्सपेयर्स पर होगी IT विभाग की नजर, होगी कार्रवाई

| April 19, 2018
 नई दिल्ली :- अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त आपकी गलती भी आपको भारी पड़ सकती है। साथ ही अगर आप टैक्स बचाने के चक्कर में गलत इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की सोच रहे हैं तो भी सावधान हो जाइए। आयकरविभाग ने सैलरी पाने वाले एंप्लॉयीज को गलत आईटीआर फाइल करने के प्रति आगाह किया है। विभाग ने कहा है कि ऐसे टैक्सपेयर्स के खिलाफ कार्रवाई और उनके एंप्लॉयर को भी इस बारे में सूचित किया जाएगा।








आईटी डिपार्टमेंट ने ऐसे टैक्सपेयर्स को अपने रिटर्न में इनकम कम बताने या कटौती को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने जैसे हथकंडे अपनाने के प्रति आगाह किया है। आयकर विभाग के बेंगलुरु स्थित सेंट्रल प्रॉसेसिंग सेंटर (CPC) ने इस बारे में करदाताओं को अडवाइजरी भी जारी की है। अडवाइजरी में कहा गया है कि गलत फायदे के लिए फ्रॉड टैक्स सलाहकारों के चक्कर में नहीं पड़ें। विभाग के अनुसार रिटर्न में आय कम दिखाना या कटौती बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय है और आयकर कानून की धाराओं के तहत अभियोजन किया जा सकता है।




बता दें कि विभाग की जांच शाखा ने जनवरी में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था जो एंप्लॉयीज को फर्जी तरीके से टैक्स रिफंड हासिल करने में मदद करता था। सीबीआई ने हाल ही में इस मामले में आपराधिक मामला भी दर्ज किया है। सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स फाइल करने का सीजन हाल ही में शुरू हुआ है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वेतनभोगी करदाताओं के लिए नए आईटीआर फॉर्म को हाल ही में अधिसूचित किया था।
इनकम टैक्स रिफंड (Income Tax Refund-ITR) भरने के लिए आपको इनकम और इन्वेस्टमेंट्स पर बहुत माथापच्ची करनी पड़ती है। टैक्स कैल्कुलेटर (Income Tax Calculator) की मदद से यह काम बेहद आसान हो जाता है। आपकी इसी परेशानी को समझकर हम इनकम टैक्स न्यूज (Income Tax News),  नए टैक्स स्लैब (Income Tax Slab) से जुड़ीं खबरों के साथ-साथ ऑनलाइन टैक्स कैल्कुटर (Online Income Tax Calculator) भी मुहैया कर रहे हैं। यहां आप मामूली जानकारियां साझा करके ऐक्चुअल इनकम टैक्स की गणना कर सकते हैं।




आय को कम दिखाकर और कर छूट के दावों को बढ़ा-चढ़ा कर आयकर रिटर्न (आईटीआर) में गड़बड़ी करना भारी पड़ सकता है। आयकर विभाग ने वेतनभोगी कर्मचारियों को ऐसा करने को लेकर आगाह किया है। आयकर विभाग ने बुधवार को एक दिशानिर्देश में कहा कि वेतनभोगी करदाता आईटीआर दाखिल करते समय आय कम दिखाने और छूट के दावों को बढ़ाने के गैरकानूनी तरीके अपनाने से बचें। ऐसा करने पर उन्हें मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है। नियोक्ता कंपनियों को भी ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। आईटीआर की जांच-पड़ताल करने वाले बेंगलुरु स्थितआयकर विभाग के केंद्रीय प्रोसेसिंग सेंटर ने करदाताओं को कर सलाहकारों और चार्टर्ड अकाउंटेंट आदि की गलत सलाह में न पड़ने की नसीहत दी है।

ऐसे कर सलाहकार गलत दावों के जरिये करदाताओं को टैक्स में छूट का लालच देते हैं। विभाग ने कहा कि ऐसी कई शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें सलाहकारों के कहने पर आईटीआर में गड़बड़ियां की गईं। लेकिन आयकर कानून के तहत ऐसा करने पर जुर्माना और सजा हो सकती है। इससे रिकॉर्ड खराब होने पर रिफंड में भी समस्या आ सकती है। आयकर विभाग ने जनवरी में ऐसे ही एक रैकेट का भंडाफोड़ किया था, जिसमें कर सलाहकारों और आईटी कंपनियों के कर्मियों का गलत रिटर्न भरकर टैक्स रिफंड लिया जाता था। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। विभाग ने 50 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले कर्मियों के लिए आईटीआर-1 यानी सहज फॉर्म ई रिटर्न फाइलिंग पोर्टल पर 17 अप्रैल से उपलब्ध करा दिया है। आईटीआर की आखिरी तिथि 31 जुलाई है।

विभाग ने कहा कि कर्मचारी मध्यस्थों की ऐसी गलत सलाह के आधार पर गलत दावे न करें, क्योंकि इसे कर चोरी का मामला माना जाएगा। विभाग के पास कर चोरी की गहन पड़ताल करने का बड़ा स्वचालित सिस्टम है।

आयकर विभाग ने कहा है कि सरकारी विभागों या सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के ऐसे गलत दावों की जानकारी संबंधित सतर्कता विभाग (विजिलेंस) को दी जाएगी। विजिलेंस नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

Category: Income Tax, News

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