आगरा और झांसी के रेल स्टेशन को संवारेगा चीन बेंगलुरु-चेन्नई रेल कारिडोर की रफ्तार बढ़ाने में भी देगा मदद

| April 16, 2018

भारत ने बेंगलुरु -चेन्नई रेल गलियारे पर रेलगाड़ियों की गति बढ़ाने के लिए लिए चीन से मदद मांगी है। साथ ही आगरा और झांसी रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास में भी चीन से सहयोग लेने की बात चल रही है। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी।दोनों देशों के बीच यहां आयोजित सामरिक आर्थिक वार्ता में इस आशय के प्रस्ताव रखे गए। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा, ‘‘हमने बेंगलुरु – चेन्नई रेल गलियारे पर रेल गाड़ियों की गति बढ़ाने की परियोजना चीन को देने की पेशकश की है।







’ एसईडी की बैठक में कुमार और चीन के राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग (एनडीआरसी) के चेयरमैन ही लीफेंग की अध्यक्षता में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई। इसमें उक्त गलियारे पर गाड़ियों की गति को बढ़ाकर 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक करने का प्रस्ताव रखा गया है।अधिकारी ने कहा कि इससे पहले भारत ने आगरा और झांसी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए भी चीन के सामने प्रस्ताव रखा था जिसे इस बैठक में दोहराया गया। प्रस्तावों पर विचार करने के बाद चीन अपनी प्रतिक्रिया देगा।



कुमार ने कहा कि चीन को बताया गया है कि रेलवे स्टेशनों के विकास की बड़ी योजना है, इसमें 600 स्टेशन शामिल हो सकते हैं। वे इनमें से किसी के लिए भी बोली लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वार्ता के इस दौर में चीन के सहयोग से भारत में उच्च गति ट्रेनों के निर्माण को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई।भारत में उच्च गति रेल गलियारे विकसित करने के चीन ने इच्छा जाहिर की है और नई दिल्ली और चेन्नई उच्च गति रेल गलियारे के लिए व्यवहार्यता अध्ययन शुरू किया है। मुंबई-अहमदाबाद उच्चगति रेलगार्ग का ठेका जापान को मिला है।



भारत-चीन सामरिक आर्थिक विकास वार्ता में हुआ फैसलाद 600 स्टेशन में से किसी के भी विकास में भाग ले सकेगा चीनद रेल कारिडोर प्रोजेक्ट चीन को देने का भारत ने किया प्रस्तावद इस गलियारे में 150 किमी./घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनद दिल्ली-चेन्नई हाई स्पीड कारिडोर का अध्ययन कर रहा चीन

Category: Indian Railways, News

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