7th Pay Commission: 2019 के चुनाव से पहले मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, सरकारी कर्मचारियों की इतनी बढ़ेगी सैलरी

| April 16, 2018

लखनऊ. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। जल्द ही कर्मचारियों को सातवें वेतन का लाभ मिलेगा। जानकारी के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को इसी वित्तीय वर्ष में वेतन बढ़ कर मिलेगा। वहीँ सूत्रों का कहना है 2019 के चुनाव से पहले केंद्र सरकार अपने कर्मचरियों को सातवें वेतन का लाभ दे देगी। ताजा खबर यह है कि सरकार न्यूनतम वेतन 18 हज़ार के बजाय 21 हज़ार करने का विचार कर रही है।








लागू होगा ऑटोमैटिक पे रिवीजन सिस्टम

माना जा रहा हैं कि सरकार इसके बाद ऑटोमैटिक पे रिवीजन सिस्टम लागू करने जा रही है। इसके अंतर्गत 68 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 52 लाख पेंशन धारकों के लिए एक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसमें 50 फीसदी से ज्यादा डीए होने पर सैलरी में ऑटोमैटिक वृद्धि हो जाए। सूत्रों का मानना है की सातवें वेतन आयोग के बाद अगला वेतन आयोग नहीं आएगा।




सरकारी कर्मचारियों की मानें तो वेतन में करीब तीन गुना वृद्धि होनी चाहिए। कर्मचारी यूनियनों ने 3.68 गुना इजाफे की मांग की थी, जिससे न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए होता है। केंद्र सरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से ज्यादा सैलरी बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। कर्मचारी यूनियन के मुताबिक, अब तक आए वेतन आयोग में से सातवें वेतन आयोग ने सबसे कम सैलरी बढ़ाने की सिफारिश की है।

कितनी मिलेगी सैलेरी

दावा यह भी है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मिनिमम पे स्केल में 3000 रुपए की बढ़ोतरी होगी। यानी 18,000 रुपए के बजाय अब मिनिमम बेसिक पे 21,000 रुपए होगी। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3 गुना करने का विचार कर रही है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 7,000 रुपए से बढ़कर 18,000 रुपए हो गई है। कर्मचारियों की मांग है कि उनकी न्यूनतम सैलरी को बढ़ाकर 26,000 रुपए किया जाए। वहीं फिटमेंट फेक्टर को 2.57 गुना से बढ़ाकर 3.68 गुना किया जाए। वहीं केंद्र सरकार कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी को बढ़ाकर 21,000 रुपए कर सकती है।




इनको मिलेगा फ़ायदा

सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार रेलवे कर्मचारियों को अब लीव ट्रैवल कंसेशन (एलटीसी) का फायदा देने के लिए कहा है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी किए गए एक परिपत्र में, मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा एलटीसी निर्देशों के मुताबिक, भारतीय रेलवे में काम कर रहे सरकारी कर्मचारी और उनके जीवन साथी इसके लिए हकदार नहीं हैं, “फ्री पास” की सुविधा के रूप में एलटीसी की सुविधा उनके लिए उपलब्ध है। रेल मंत्रालय के परामर्श से इस पर विभाग में विचार किया गया है। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि रेलवे कर्मचारियों को चार साल में एक बार भारतीय एलटीसी का लाभ लेने की अनुमति दी जा सकती है। मंत्रालय ने कहा है कि ऑल इंडिया एलटीसी रेलवे कर्मचारियों के लिए पूरी तरह से वैकल्पिक होगा।

Source:- Patrika

Category: News, Seventh Pay Commission

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