भारतीय रेल को मिला सबसे पॉवरफुल इंजन, बढ़ जायेगी गाडि़यों की रफ्तार

| April 11, 2018

बिहार के मधेपुरा से भारतीय रेल को सबसे पॉवरफुल इंजन मिल गया। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोतिहारी में सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह कार्यक्रम के दौरान रिमोट से इसका लोकार्पण किया। 12 हजार हॉर्स पावर वाले इस इंजन के साथ ही भारत अब रेल तकनीक में रूस, चीन और जर्मनी के समकक्ष पहुंच गया है। अब तक भारतीय रेल में छह हजार हॉर्स पावर का ही इंजन था। मधेपुरा निर्मित इंजन के शामिल होने के बाद मालगाडिय़ों की स्पीड और माल ढुलाई क्षमता दोगुनी हो गई है।








फ्रेट कॉरिडोर में होगा इस्तेमाल
मधेपुरा में बने इंजन का इस्तेमाल गुड्स ट्रेन में किया जाएगा। ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में रेलवे को हाई स्पीड ट्रेन चाहिए थी। मधेपुरा निर्मित इंजन ने इसकी भरपाई कर दी है। कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी है।




भारत के मालगाडिय़ों की बढ़ेगी रफ्तार

अब तक मालगाडिय़ों की औसत रफ्तार 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की थी। मधेपुरा इंजन से मालगाडिय़ों की औसत रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी। मधेपुरा में बने इंजन की अधिकतम सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे की है।
छह हजार टन ढुलाई की क्षमता

इस इंजन से भारी वजनी मालगाडिय़ों को भी चलाया जा सकेगा। अब तक तीन हजार टन वजन वाली गाडिय़ों को ही खींचा जा सकता था। इससे ज्यादा वजन के लिए दो इंजन लगाने पड़ते थे। मधेपुरा निर्मित इंजन छह हजार टन लेकर चल सकेगी।




रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा है कि मधेपुरा में बनी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री और 12,000 हॉर्स पॉवर शक्ति के लोकोमोटिव इंजन का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। इससे रोजगार, उद्योगों को बढ़ावा, तेज गति से माल ढुलाई, और क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है कि मधेपुरा में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री के फेज वन का भी लोकार्पण किया गया है। ये फैक्ट्री दो कारणों से अहम है। एक तो ये मेक इन इंडिया का उत्तम उदाहरण है। इस कारखाना क्षेत्र में रोजगार का भी बड़ा माध्यम बन रही है।

Source:- Jagran

Category: Indian Railways, News

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