भारतीय रेल के कर्मचारियों की अब कोई आवाज नहीं दबा सकता। जो भी रेल अधिकारी उनके साथ अन्याय करेगा उनकी समस्या और परेशानी को नजर अंदाज करेगा उसके खिलाफ कड़ी करवाई की जाएगी। यह कहना है रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्विनी लोहानी का। इस संबंध में उनके द्वारा भेजे गए पत्र की पश्चिम मध्य रेल जोन में खासी चर्चा है।








सूत्र बताते है कि रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी के एक पत्र ने अधिकरियों की नींद उड़ा दी है। लोहानी का मानना है कि छोटे कर्मचारी रेलवे की रीढ़ है। उनकी परेशानियों और समस्याओं को अधिकारी लंबे समय से दबाते आ रहे हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा यदि कोई अधिकारी छोटे कर्मियों को प्रताड़ित करता है और उनकी किसी भी समस्या को निपटाने में आना-कानी करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी।




निरीक्षण के समय देते हैं धौंस
बताया जाता है कि अक्सर बड़े अधिकारी निरीक्षण के समय छोटे कर्मचारियों को धौंस देते हैं। उनका कहना होता है कि जब भी वरिष्ठ अधिकारियों का या फिर बोर्ड अध्यक्ष का निरीक्षण हो उस समय दूर रहना है। किसी प्रकार की शिकायत और समस्या बताने सामने नहीं आना है। ऐसे कर्मचारी के खिलाफ एसएफ फाइव, एसएफ इलेवन और नौकरी से बाहर करने की कारवाई की धमकी दी जाती है। इस दहशत से छोटे कर्मचारी अक्सर दुबके रहते हैं।




बर्दाश्त नहीं होगा रेलवे को डुबाने का प्रयास
लोहानी का कहना है कि कई अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं होता है। अक्सर कर्मचारियों और मेरे बीच पारस्परिक विचार-विमर्श में खलल डालकर रेलवे को डुबाने का प्रयास किया जा रहा है। इन सभी बातों पर ध्यान देने की बात पत्र में कही गई है।