12 हजार एचपी के पहले इलेक्टिक लोको को हरी झंडी दिखाएंगे प्रधानमंत्री मोदी

| April 8, 2018

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अप्रैल को बिहार के मधेपुरा इलेक्टिक लोकोमोटिव कारखाने में देश के पहले 12 हजार हार्सपावर के इलेक्टिक इंजन को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री मधेपुरा लोको फैक्ट्री का उद्घाटन भी करेंगे और उसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे।1इसके साथ ही भारत विश्व के उन चुने हुए देशों में शामिल हो जाएगा जो 12 हजार हार्सपावर के इलेक्टिक रेल इंजनों का निर्माण करते हैं। इनमें जर्मनी, रूस, स्वीडन और चीन भी शामिल हैं। अभी भारत में अधिकतम 6000 हार्सपावर के इलेक्टिक लोकोमोटिव का निर्माण होता है।








मधेपुरा में बनने वाले लोकोमोटिव इससे दो गुनी क्षमता के हैं। ये 110 किलोमीटर तक की रफ्तार से चलने में सक्षम हैं। इनका उपयोग मुख्यतया 25 टन वैगनों वाली हैवी हॉल मालगाड़ियों, खासकर कोयला, लौह अयस्क की ढुलाई में होगा। हालांकि, इन्हें तेज रफ्तार यात्री ट्रेनों में भी लगाया जा सकता है।1मधेपुरा कारखाने की स्थापना फ्रांसीसी कंपनी एल्सटॉम के साथ संयुक्त उद्यम के तौर पर हुई है। लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से स्थापित कारखाने में 11 वर्ष के दौरान 12 हजार हार्सपावर वाले 800 लोकोमोटिव का निर्माण होगा।




प्रत्येक लोकोमोटिव के निर्माण में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी।1परियोजना की शर्तो के अनुसार पहले पांच इंजनों के कलपुर्जो का फ्रांस से आयात किया जाएगा और मधेपुरा में असेंबल किया जाएगा। 10 अप्रैल को जिस इंजन का उद्घाटन होना है वह ऐसा ही असेंबल्ड इंजन है। ऐसे चार इंजन इसी वित्त वर्ष के दौरान असेंबल होंगे। जबकि बाकी 795 इंजनों का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत पूरी तरह भारत में होगा। इस तरह हर वर्ष 100 लोकोमोटिव के निर्माण की योजना है।

मधेपुरा कारखाने की स्थापना को सबसे पहले मई, 2009 में संप्रग सरकार ने मंजूरी दी थी। तब इसे रेलवे खुद लगाने वाली थी, लेकिन बाद में इसे संयुक्त उद्यम के तहत लगाने का फैसला हुआ। फरवरी, 2010 में पुन: कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी, लेकिन बोली आमंत्रित नहीं की जा सकीं। इसके बाद अप्रैल, 2013 में मंत्रिसमूह का गठन किया गया जिसने मई में नई निविदाएं मंगाने और मंत्रिमंडल से फिर से मंजूरी लेने का सुझाव दिया। जनवरी 2014 में नए प्रस्ताव को कैबिनेट का अनुमोदन प्राप्त हुआ।




अंतत: नौ नवंबर, 2015 को राजग सरकार ने एल्स्टॉम मैन्युफैचरिंग इंडिया को परियोजना का ठेका दिया तथा 30 नवंबर को रेल मंत्रलय ने रेलवे तथा एल्स्टॉम मैन्युफैक्चरिंग इंडिया लि. की संयुक्त उद्यम कंपनी मधेपुरा इलेक्टिक लोकोमोटिव प्रा. लि. के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए।1समझौते के अनुसार, रेल मंत्रलय 11 वर्षो में कारखाने से 800 लोकोमोटिव खरीदेगा। संयुक्त उद्यम कंपनी शुरू में बने 250 इंजनों का 13 वर्षो तक जबकि उसके बाद बनने वाले 250 इंजनों का चार वर्षो तक रखरखाव करेगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तथा महाराष्ट्र के नागपुर में मेंटीनेंस एवं ट्रेनिंग सुविधाओं की स्थापना की जा रही है।

Category: Indian Railways, News

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