पर्यटन के मानचित्र पर रेलवे को उभारा जाएगा : लोहानी रेल संग्रहालय के लिए ऑफर

| April 6, 2018

पर्यटन के मानचित्र पर रेलवे, को उभारा जाएगा : लोहानी, रेल संग्रहालय के लिए ऑफर

राष्ट्रीय रेल संग्रहालय से पर्यटकों को रूबरू कराने के लिए रेलवे जल्दी ही काम्बो ऑफर लेकर आने वाला है। ऑफर से यदि दिल्ली के किसी भी संग्रहायल में भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटक को उसी टिकट पर रेल संग्रहालय में भी प्रवेश का मौका मिलेगा। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय रेल संग्रहालय का एक मोबाइल एप जारी किया। रेल संग्रहालय में घूमने आने वाले पर्यटकों को लिए प्रवेश शुल्क और हेरिटेज ट्रेन राइड का शुल्क मिला कर एकीकृत टिकट की व्यवस्था होगी जिसमें दिन में अनेक बार प्रवेश की सुविधा दी जाएगी। 








सभी पांचों पर्वतीय रेलवे को आधुनिक बनाया जाएगा
पर्वतीय रेलवे के कोच भी होंगे वातानुकूलितकालका-शिमला ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने पर विचार
भारतीय रेलवे को अब देश के पर्यटन मानचित्र पर उभारने की जोरदार तैयारी चल रही है। जल्दी ही पर्यटन मानचित्र पर रेलवे को बड़ी जगह मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को रेलवे की विरासत से रूबरू कराया जाएगा। सभी पांचों पर्वतीय रेलवे को अत्याधुनिक बनाने की तैयारी चल रही है। अभी चल रहे पर्वतीय ट्रेनों के कोच को वातानुकूलित किया जाएगा। कालका-शिमला रेलवे के ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने पर मंथन किया जा रहा है। यह जानकारी रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में दी। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रियन रेलवे के बाद भारतीय रेलवे ही ऐसी है जिसके पास दुनिया को दिखाने के लिए समृद्ध विरासत है।




राष्ट्रीय रेल संग्रहालय, रेवाड़ी में भांप इंजन कारखाना, पांचों पर्वतीय रेलवे और सैलानियों के लिए चलायी जाने वाले लक्जरी ट्रेनों के माध्यम से रेलवे अपनी विरासत को चमकाएगा और भारतीय पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) के साथ मिलकर लाइट एंड साउंड शो का आयोजन करेगा जिसमें देश में भारतीय रेलवे की 1853 से अब तक की यात्रा और उसके अनूठे पहलुओं को रोचक ढंग से पेश किया जाएगा।उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे की सचल विरासत पांचों पर्वतीय रेलवे के विकास के लिए ठोस योजना बनायी गयी है।




दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, नीलगिरि ऊटी रेलवे, कालका शिमला रेलवे, नेरुल माथेरान रेलवे और कांगड़ा रेलवे में निदेशक स्तर के अधिकारियों की पद स्थापना की जाएगी। स्टेशनों, ट्रैक, इंजन और कोचों का उन्नयन किया जाएगा और इन सभी में वातानुकूलित कोचों को लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन गाड़ियों की गति बढ़ाने के साथ कम से कम एक एक भाप का इंजन भी सेवा में चालू किया जाएगा। चार्टर्ड सेवाओं को भी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इन गाड़ियों एवं चार्टर्ड सेवाओं की दरें मंडलीय मुख्यालय तय करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के निकट हरियाणा के रेवाड़ी में भांप इंजन कार्यशाला में रखे सभी भांप इंजनों को चालू किया जा रहा है। रेल संग्रहालय में 50 वर्षो से रखे भांप के तीन इंजनों-फीनिक्स (1907), रामगूटी (1862) एवं फायरलैस (1953) को कार्यशील बनाया जाएगा।

Category: Indian Railways, News

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