रेलवे से कीजिए मोलभाव, सस्ता होगा किराया

| April 5, 2018

इस बार गर्मी की छुट्टियों में परिवार या दोस्तों के साथ हिल स्टेशन घूमने जाना है तो रेलवे से मोलभाव कीजिए। इससे सस्ते किराए में आपको बर्थ मिल जाएगी। हिल स्टेशन पर पर्यटन विभाग की ओर से निर्धारित दरों पर होटल भी उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत देश के पांच हिल स्टेशनों के लिए यह सुविधा शुरू की है। एक साल तक इस सेवा का लाभ मिलेगा।








अभी तक इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कापरेरेशन (आइआरसीटीसी) की ओर से यात्रियों को घुमाने के लिए यात्र स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। कहां-कहां घुमाने ले जाएंगे और कितने दिन का सफर होगा, ये सब आइआरसीटीसी द्वारा निर्धारित किया जाता है। इस ट्रेन से यात्री अपनी इच्छा के अनुसार घूम नहीं पाते हैं। अब पर्यटन मंत्रलय और रेलवे बोर्ड की ओर से देश के प्रमुख स्टेशनों पर पर्यटकों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुरादाबाद रेल मंडल के देहरादून स्टेशन पर पर्यटन विभाग दो करोड़ रुपये यात्री सुविधाओं पर खर्च करने जा रहा है।




रेलवे और पर्यटन विभाग ने ‘पर्यटन प्रोत्साहन हिल रेलवे’ योजना शुरू की है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति गर्मी के छुट्टी में परिवार व दोस्तों का ग्रुप बनाकर हिल स्टेशनों पर जा सकता है। वह रेलवे से किराया और बर्थ उपलब्ध कराने के संबंध में बातचीत भी कर सकता है। यात्री किराया कम करने के लिए मोलभाव भी कर सकता है।

रेलवे बोर्ड के अधिशासी निदेशक (ट्रांसफार्मेशन) एके चंद्रा ने पत्र जारी किया है। इसमें दार्जिलिंग, कालका-शिमला, नीलगिरी, कांगड़ा और नेराल हिल स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए कहा है। प्रत्येक रेल मंडल में प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक और प्रवर मंडल वित्त प्रबंधक की कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी से यात्री मोलभाव कर सकते हैं। इसके लिए यात्री डीआरएम आफिस या स्टेशन अधीक्षक के यहां आवेदन करेंगे। इसके बाद कमेटी से यात्री मोलभाव करेंगे। किराया तय हो जाने के बाद डीआरएम अनुमति प्रदान करेंगे।




यात्री को तारीख और दिन स्वयं तय करना पड़ेगा। रेलवे द्वारा यह प्रोजेक्ट 31 मार्च 2019 तक चलाया जाएगा। इसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि पत्र मिल चुका है। इसे कैसे लागू किया जाना है, इसकी विस्तृत जानकारी शीघ्र ही मिल जाएगी।

व्यवस्था

Category: News, Seventh Pay Commission

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