रूट की स्वीकृत गति सीमा बढ़ाए बगैर चला रहे तेज ट्रेनें

| March 24, 2018

रेलवे के प्रमुख रूटों पर स्वीकृत गति सीमा का उल्लंघन कर तेज रफ्तार ट्रेनें चलाई जा रही हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने इसे गंभीर मानते हुए महाप्रबंधकों से ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी के सभी रूटों की उच्चतम स्वीकृत गति सीमा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।1सभी जोन महाप्रबंधकों को लिखे पत्र में लोहानी ने कहा है कि रेलवे बोर्ड ने काफी पहले सभी जोनों से ‘ए’ और ‘बी’ रूटों की अधिकतम स्वीकृत गति सीमा बढ़ाने को कहा था।








ताकि इन सभी पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक रफ्तार वाली ट्रेनें चलाई जा सकें। जोनों से इस संबंध में अपनी-अपनी कार्ययोजना पेश का अनुरोध भी किया गया था। परंतु किसी जोन ने अब तक कार्ययोजना पेश नहीं की है।1इससे विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई है। चार महानगरों को जोड़ने वाले सभी रूटों पर अभी भी अधिकतम स्वीकृत गति सीमा 130 किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। परंतु कुछ नई ट्रेनें 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक पर चल रही है। यह रेलवे के जरनल रूल के अनुच्छेद 4.08 का उल्लंघन है। नियमानुसार किसी रूट पर स्वीकृत गति सीमा से अधिक गति से ट्रेनें नहीं चलाई जा सकतीं।




यदि ट्रेन चलाना जरूरी हो तो पहले स्वीकृत गति सीमा में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। लोहानी के मुताबिक, यात्रा समय में कमी करने तथा रेलवे को मुकाबले में बनाए रखने के लिए टेनों की रफ्तार बढ़ाना समय की मांग है। इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि ‘ए’ और ‘बी’ रूटों पर (टूंडला-झांसी सेक्शन को छोड़कर) अधिकतम स्वीकार्य गति सीमा को सिलसिलेवार ढंग से 130 किलोमीटर प्रति घंटे करने की कार्ययोजना शीघ्र पेश करें। इसी के साथ लोहानी ने गतिमान एक्सप्रेस के लिए टूंडला-झांसी सेक्शन की अधिकतम स्वीकार्य गति सीमा को बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे करने को भी कहा है।




ट्रेनों के कोचों में यात्रियों की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर जीआरपी  रणनीति बनाने में जुटा हुआ है। इसके लिए जीआरपी ने एक मोबाइल एप तैयार किया है। ट्रेनों में किसी अनहोनी की आशंका होने पर यात्री इस एप के जरिये मैसेज या कॉल से विभाग को सूचना दे सकते हैं। ये सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के किसी भी स्थान पर काम करेगा। 1इस एप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस एप को डाउनलोड करने के बाद जैसे ही आप दूसरे प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेंगे तो वहां

यह काम करने लगेगा। शुक्रवार को जीआरपी एसपी मिलेन कुर्वे ने बताया कि शीघ्र ही रायपुर मंडल के रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्मो पर जीआरपी हेल्प एप के बारे में जानकारी दी जाएगी। जागरूकता अभियान में एनजीओ की भी सहायता ली जाएगी। जो कामकाजी महिलाएं और छात्रएं ट्रेन से यात्र करतीं हैं, उनकी सुरक्षा के लिए इस एप को लोड कराने की मुहिम भी छेड़ी जाएगी।’>>रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने जताई नाराजगी1’>>उच्चतम स्वीकृत गति सीमा 130 किमी प्रति घंटे करने को कहा

Category: Indian Railways, News

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