रेलकर्मियों को मिले नई पेंशन योजना से छूट

| March 21, 2018

रेल कर्मचारियों के संगठन एनएफआईआर के महामंत्री डा. एम रघुवैया ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिख कर अनुरोध किया है कि जिस तरह से रक्षा विभाग के सैनिकों को नई पेंशन योजना (एनपीएस) से अलग रखा गया है ठीक उसी तरह से रेलवे कर्मचारियों को नई पेंशन योजना से छूट देने के लिए हस्तक्षेप करें।








रघुवैया ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि वह इस मामले में वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री से मिलकर एनपीएस से रेलवे को छूट दिलाएं। उन्होंने रेल मंत्री को बताया है कि अधिकतर रेल कर्मचारियों को दूरदराज इलाकों में काम पर जाना पड़ता है। जहां उपयुक्त आवास, बच्चों के लिए स्कूली शिक्षा, पेयजल और स्वास्य देखभाल की सुविधा जैसी न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं नहीं होती है।




उन्होंने कहा कि पिछले रेल मंत्रियों सुरेश प्रभु और मल्लिकाजरुन खड़गे द्वारा वित्त मंत्री को भेजी गई वैध मांगों पर वित्त मंत्री द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर रेल कर्मचारियों में गुस्सा है। एनएफआईआर के प्रेस सचिव एसएन मलिक ने कहा कि नई पेंशन योजना से रेलवे को छूट देने के लिए रेल मंत्री को हस्तक्षेप करना चाहिए क्योंकि लगभग 700 रेलवे कर्मचारी अपने कर्तव्यों के दौरान प्रतिवर्ष मर जाते हैं और 3000 कर्मचारी हर साल चोट लगने के कारण घायल हो जाते हैं। मलिक ने कहा कि भरतीय रेलवे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी है और एक सामरिक परिवहन साधन है जो प्रत्येक दिन लाखों लोगों को सेवा देती है और सुरक्षा बलों को समर्थन देते हुए निर्बाध आपूत्तर्ि श्रंखला सुनिश्चित करता है।




क्यों है कर्मचारियों में आक्रोश: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों पर जनवरी 2004 से  नई नैशनल पैंशन स्कीम लागू की है। स्कीम में कर्मचारी के मूल वेतन से 10 फीसदी रकम की कटौती की जाएगी। इतनी ही कटौती राज्य सरकार के खाते से भी होगी। रिटायरमेंट पर जमा की गई कुल रकम का 40 फीसदी कर्मचारी नकद दिया जाएगा और 60 फीसदी को शेयर मार्केट में लगाया जाएगा। मार्केट के उतार-चढ़ाव के हिसाब से पेंशन का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी डिवेलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) का गठन किया गया है। परिभाषित पेंशन स्कीम मे रिटायर होने वाला कर्मचारी को, जो अंतिम महीने का वेतन लिया, उसका 50 फीसदी पेंशन के रूप मे मिलने की गारंटी थी और इसके लिए कोई अतिरिक्त रकम भी नहीं कटती थी। सरकार ने सरकारी कर्मचारी की पेंशन की गारंटी को खत्म कर उसकी सामाजिक सुरक्षा छीन कर उसके आर्थिक हितों की गंभीर अनदेखी की है। सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के बावजूद एनपीएस को वापस नही लिया गया है।

Category: Indian Railways, News

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