एफडी का बेहतर विकल्प है एफएमपी

| March 18, 2018

वित्तीय वर्ष खत्म होने में महज 13 दिन शेष हैं और अगर आपके वेतन पर करदेयता बनती है तो अभी भी छोटा निवेश कर आप टैक्स की बचत कर सकते हैं। अगर नियोक्ता कंपनी ने टीडीएस काटा है तो आप अतिरिक्त निवेश कर रिफंड का दावा कर सकते हैं। ऐसे समय में ज्यादातर निवेशक एफडी कर टैक्स बचाने की जुगत लगाते हैं, लेकिन कम रिटर्न और ज्यादा टैक्स से बाद में उन्हें मायूसी होती है। ऐसे में म्युचुअल फंड से जुड़ा फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (एफएमपी) एफडी का बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। यह न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि के निवेश के साथ बेहतर रिटर्न की योजना है। पेश है हिन्दुस्तान टीम की रिपोर्ट।








एफएमपी पारंपरिक एफडी का बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं। निश्चित रकम हर माह निवेश करने वाले छोटे निवेशकों के लिए यह पसंदीदा है। बहुत सारे निवेशक एफडी को एफएमपी में बदल भी रहे हैं। एफएमपी निश्चित परिपक्वता अवधि वाले डेट फंड हैं। अन्य डेट फंड की तरह इनकी हर वक्त खरीद नहीं हो सकती। आईपीओ की तरह न्यू फंड ऑफर के तौर पर इनकी एक निश्चित खरीद अवधि होती है। डेट फंड में रकम सर्टिफिकेट ऑफ डिपाजिट (सीडी), मनी मार्केट इंस्ट्रमेंट, कारपोरेट बांड, वाणिज्यक पत्र या बैंकों के एफडी में निवेश की जाती है।

आप जितनी अवधि के लिए एफएमपी में निवेश करते हैं, तो फंड मैनेजर उतनी अवधि के लिए ही निवेश विकल्पों में आपका पैसा लगाते हैं। 3 साल से कुछ माह ज्यादा निवेश करेंम्युचुअल फंड के विशेषज्ञों ने छोटे निवेशकों के लिए तीन साल के फिक्स्ड मैच्योरिटी फ्लान की सलाह दे रहे हैं। अगर एफएमपी में तीन साल से कुछ ज्यादा माह का निवेश करते हैं तो इस पर चार साल इंडक्शन का लाभ भी पाया जा सकता है। जबकि वास्तव में रकम तीन साल के लिए निवेशित रहती है।




एफएमपी में इक्विटी की बजाय बांड और प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है। इसमें निश्चित रिटर्न तो नहीं रहता है, लेकिन 7.50 से 8.50 फीसदी का रिटर्न आसानी से पाया जा सकता है। इसमें रिटर्न बांड की श्रेणियों पर निर्भर करता है। वैसे निवेश की अवधि पांच, सात या दस साल भी हो सकती है। इसमें ज्यादा रिटर्न मिलेगा। महंगाई के हिसाब से करदेयता कमएफएमपी का सबसे बड़ा लाभ है कि अगर आप तीन साल से ज्यादा अवधि तक निवेश करते हैं तो रिटर्न पर टैक्स की दर घटती जाती है। जबकि सावधि जमा (एफडी) में ब्याज की रकम आय में जुड़ती है और उस पर निश्चित दर से टैक्स लगता है।

अगर आप डेट फंड को तीन साल के बाद बेचते हैं तो रिटर्न को लांग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) माना जाता है। वहीं महंगाई के हिसाब से साल दर साल बांड का खरीद मूल्य बढ़ता है, ऐसे में इंडेक्सेशन का लाभ यह होता है कि बांड की बिक्री के समय एलटीसीजी की गणना के दौरान महंगाई की लागत को घटा दिया जाता है, जिससे कर की देनदारी कम हो जाती है। टैक्स के बाद एफडी से बेहतर रिटर्न अगर आप एक लाख रुपये मार्च 2018 में एफएमपी में निवेश करते हैं और यह निवेश 1095 दिन से ज्यादा अवधि का होता है तो आपको चार साल का इंडेक्शन का लाभ मिलता है। अप्रैल 2021 में 7.5 प्रतिशत ब्याज की दर से यह रकम 1 लाख 24 हजार रुपये हो जाता है।




अगर पांच फीसदी की महंगाई के हिसाब से इंडेक्सेशन किया जाए तो तीन हजार रुपये का पूंजीगत लाभ बनता है। टैक्स काटने के बाद एफएमपी में कर मुक्त रिटर्न करीब 7.3 फीसदी पड़ता है, जबकि एफडी में यह करीब 5.3 फीसदी ही रह जाता है। इक्विटी की तुलना में लचीलापन कमइक्विटी में निवेश की तुलना में डेट फंड में निवेश वाले एफएमपी में लचीलापन कम है। निवेशक तीन साल के लॉक इन पीरियड से पहले एफएमपी को स्टॉक एक्सचेंज में बेच सकते हैं, लेकिन इनमें व्यापार बेहद कम होता है और काफी मार्जिन कटता है।

अगर किसी प्रतिभूति (सिक्योरिटीज) के पोर्टफोलियो में गिरावट आती है तो रिटर्न पर भी असर पड़ता है। इक्विटी की तुलना में इसमें जोखिम के साथ रिटर्न भी कम है। ऐसे में सही सलाह के साथ ही निवेश बेहतर होता है। कम जोखिम, ज्यादा रिटर्नएफएमपी इक्विटी में ज्यादा जोखिम और उच्च रिटर्न और एफडी के कम जोखिम कम रिटर्न के बीच का विकल्प है। ऐसे में जो शेयर बाजार में निवेश नहीं करना चाहते हैं, लेकिन निवेश के पारंपरिक साधनों से अच्छा रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए यह सही निवेश सलाह है। एफएमपी और एफडी में कई समानताए हैं। दोनों में ही निश्चित अवधि का निवेश होता है। एफएमपी में रिटर्न एफडी से ज्यादा होता है। एफएमपी का मूल्य नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) के रूप में तय होता है। इसमें उतार-चढ़ाव आता रहता है।

से 8} रिटर्न फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (एफएमपी) में

तक रिटर्न एफएमपी पर कर की गणना के बाद

साल का न्यूनतम निवेश फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान में

से 7} का रिटर्न एफडी पर विभिन्न परिपक्वता अवधि पर

का रिटर्न एफडी पर टैक्स की गणना के बाद

साल न्यूनतम निवेश अवधि एफडी में कर बचाने को

इलस्ट्रेशन : भूपेन मंडल

Category: Finance Ministry, News

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