Central Government to reduce the age for IAS

| March 11, 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इशारों में जिलों में कम उम्र के कलक्टरों की तैनाती की वकालत की। संसद के सेंट्रल हॉल में ‘विकास के लिए हम’ कार्यक्रम में मोदी ने पिछड़े 115 जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन जिलों में फ्रेश और कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले 27, 28, 30 साल के युवा अफसरों को डीएम बनाकर भेजा जाए तो सूरत बदली जा सकती है। 40-45 साल के अफसरों की और भी चिंताएं होती हैं, जैसे परिवार, बच्चों की पढ़ाई और बड़े शहरों में पोस्टिंग।







कम उम्र में डीएम बनाने की मोदी की मंशा सामने आने से बरसों पुरानी यह बहस फिर तेज हो सकती है कि सिविल सर्विस एग्जाम देने वालों की अधिकतम उम्र कितनी हो। गौरतलब है कि इससे जुड़े सुधार के प्रस्ताव पीएम के सामने ही पेंडिंग हैं। UPSC की ओर से बनी बसवान कमिटी की रिपोर्ट ऐडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म पर बने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स को भेजी गई थी। सूत्रों के अनुसार अब मामला पीएमओ में है। UPSC की रिपोर्ट है कि 70 फीसदी से अधिक स्टूडेंट्स 28 साल की उम्र में



सफल होते हैं। मोदी ने युवा अफसरों की वकालत करके संकेत दिया है कि सरकार बोल्ड फैसला लेने को तैयार है। स्टूडेंट्स के संभावित विरोध के कारण सरकार अब तक फैसला लेने से बचती रही है। ऐसा हुआ तो राज्य प्रशासनिक सेवा से कोटे के तहत डीएम बनने के मौके हो सकते हैं। अभी एक-तिहाई अफसर ऐसे ही होते हैं।
(पिछले 4 साल का आंकड़ा)

28 साल करना चाहती है UPSC
32 है IAS बनने

की मैक्सिमम ऐज
67% से अधिक सफल स्टूडेंट्स 28 साल तक के

33 % ही चुने गए 28 साल से ज्यादा उम्र

के स्टूडेंट्स




UPSC की ओर से गठित बसवान कमिटी ने कहा है कि UPSC परीक्षा में बैठने की मैक्सिमम एज 28 साल हो। एग्जाम देने के अधिकतम प्रयास भी 3 होने चाहिए।
UPSC एग्जाम में
1960 में UPSC परीक्षा के शुरू में अधिकतम उम्र 24 थी, अब यह 32 है। UPSC इसे 28 साल करना चाहता है। प्रशासनिक सुधार आयोग ने अधिकतम उम्र 26 करने का सुझाव दिया था।
…28-30 वालों को लगाओ, तस्वीर बदल जाएगी
40-45 की उम्र के डीएम को बच्चों की टेंशन…

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