सातवाँ वेतन आयोग – टल सकता है न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी का फैसला, जानें क्यों

| March 9, 2018

नई दिल्ली. 7वें वेतन आयोग में सिफारिशों से आगे बढ़कर सरकार मिनिमम पे और फिटमेंट फैक्टर में कितना इजाफा करेगी इसे लेकर किसी तरह की निश्चितता नहीं है. सरकार की तरफ से स्पष्टता के न होने से इस लेकर हो रहा इंतजार और लंबा होता दिखाई दे रहा है. सेन टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ बैंकों में फ्रॉड की खबरों ने ही सरकार के फैसले में देरी कर दी है.








रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री मिनिमम पे को 18 हजार रुपये से बढ़ाने का वादा कर चुके हैं. 7वें वेतन आयोग की इस सिफारिश पर कैबिनेट ने मुहर भी लगा दी थी. इस वक्त जेटली दुविधा की स्थिति में बताए जा रहे हैं और ऐसा सरकारी बैंकों में फ्रॉड के मामले सामने आने से ही है. अप्रैल 2013 से जून 2016 के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का डाटा दिखाता है कि कुल 2,450 करोड़ रुपये का नुकसान 1,232 बैंक फ्रॉड में हुआ है और इसमें 1 लाख या इससे अधिक रुपये की धांधली हुई है. इसमें बैंक कर्मचारी भी शामिल रहे थे.




मीडिया रिपोर्ट्स में पहले कहा गया था कि केंद्र सरकार निचले स्‍तर के कर्मचारियों को राहत दे सकती है. इनके वेतन के भुगतान मैट्रिक्‍स में एक से 5 लेवल तक सुधार कर सकती है. ऐसी भी रिपोर्ट्स थी कि छठे वेतन आयोग की बेसिक सैलरी में 3.68 गुना की वृदिध की जा सकती है. पिछले 20 महीनों से लगभग 48 लाख सरकारी कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का बेसब्री इंतजार कर रहे हैं.

सातवें वेतन आयोग में वादा किया गया है कि ये अब तक की सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि होगी जिसका लाभ सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा. इससे सरकारी कर्मचारियों की जीवनशैली पूरी तरह बदल जाएगी. कई कर्मचारियों के लिए ये खुशखबरी पहले ही आ चुकी है लेकिन लाखों ऐसे भी कर्मचारी है जो अभी खुशखबरी के इंतजार में ही हैं. हांलाकि सरकार द्वारा इसकी सिफारिशों को लागू करने के बाद से न्यूनतम वेतनमान बहस का मुद्दा बना रहा.




भारत के विभिन्न राज्यों के कर्मचारी लंबे समय से इसके लागू होने के इंतजार में हैं. इसी बीच ओडिशा और गुजरात के राज्य सरकार के कर्मचारियों को एक अच्छी खबर मिली है. इन दोनों ही राज्यों के कर्मचारी जल्द ही सातवें वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार अपने वेतन में बढ़ोतरी देखेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विधानसभा चुनावों के अभियान के दौरान राज्य में बीजेपी सत्ता में आने पर 7 वें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया था.

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को अप्रैल 2018 से सातवें वेतन आयोग के तहत बढ़ा हुआ वेतन मिलने लगेगा. कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का लाभ 1 जुलाई 2017 से मिलेगा.

बता दें 2016 में, सरकार ने कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी 7,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह कर दी थी. लेकिन सरकार के कर्मचारियों ने प्रति माह 26,000 रुपये का वेतन बढ़ाने की मांग की थी. फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों को फिटमेंट फॉर्मूला के आधार पर बेसिक पे मिलता है. छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, यह बेसिक का 2.57 गुना है. खबर है कि सरकार लोअर लेवल के कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर को 3 फीसदी कर सकती है. मालूम हो कि 7 वें वेतन आयोग को लागू करने से सरकार के ऊपर 30 हजार 748 करोड़ का बोझ पड़ेगा.

Category: News, Seventh Pay Commission

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