GRP to file Chargesheet against Engineering Department Officials in Rajya Rani Train against

| March 9, 2018

मुरादाबाद: रामपुर के पास राज्यरानी एक्सप्रेस दुर्घटना मामले में जीआरपी ने चार्जशीट तैयार कर ली है, जिसमें जीआरपी ने रेलवे के अधिकारियों को भी दोषी माना है। सरकारी अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने से संबंध में सरकारी वकील से राय मांगी जा रही है। 115 अप्रैल 2017 को रामपुर के पास लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में दस बोगी पटरी से उतर गई थी। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी दुर्घटना को बाहरी तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई बता रहे थे।








जीआरपी ने रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण दुर्घटना होने का मुकदमा दर्ज कर लिया था और इसकी जांच सीओ जीआरपी को सौंपा गई थी। रेल लाइन की जांच और रिपोर्ट रेल प्रशासन द्वारा नहीं सौंपने पर जीआरपी की जांच पूरा नहीं हो पाई। जनवरी माह में उत्तर रेलवे मुख्यालय की जांच टीम ने रिपोर्ट सौंप दी थी, जिसमें इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर को दोषी ठहराया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर रेल प्रशासन ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर के खिलाफ विभाग कार्रवाई शुरू कर दी थी।




रेल लाइन की जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर एसपी रेलवे सुभाष चंद दुबे ने रेल प्रशासन को कड़ा पत्र लिखकर लाइन की जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद रेल प्रशासन ने जीआरपी को जांच रिपोर्ट सौंपी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जीआरपी ने जांच पूरी की। जांच में रेलवे के अधिकारियों को आरोपित करार दिया। सीओ जीआरपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि राज्यरानी दुर्घटना की जांच पूरी हो चुकी है। जिसमें रेलवे अधिकारियों को दोषी पाया है। रेलवे अधिकारी केंद्रीय अधिकारी है, चार्जशीट न्यायालय में सौंपने से पहले रेलवे के आला अधिकारी से अनुमति ली जाएगी। उनकी अनुमति मिलने के बाद ही कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जा सकता है, इसके लिए सरकारी वकील से राय मांगी है




श्रमजीवी और लखनऊ मेल में बढ़ेंगे कोच

यात्रियों की बढ़ती संख्या के चलते रेलवे ने ट्रेनों में कोच बढ़ाने का निर्णय लिया हैं। ताकि, टेनों में ज्यादातर यात्रियों को सीट मुहैया हो सकें। पहली खेप में श्रमजीवी और लखनऊ मेल में कोच बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। कोच बढ़ाने के लिए प्लेटफार्म और लूप लाइन की लंबाई बढ़ानी होगी, जिसके लिए निरीक्षण शुरू कर दिया। रेल प्रशासन ने टेनों में अधिक यात्रियों को सीट उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक कोच लगाने का निर्णय पहले भी लिया था। नए कोच में स्लीपर में आठ बर्थ और जनरल कोच में 20 सीट होती हैं, तब भी यात्रियों को बर्थ उपलब्ध नहीं हो रही हैं। हाल में रेलवे ने नई ट्रेनों का संचालन करने के बजाए प्रचलित टेनों में ही कोच बढ़ाने का निर्णय लिया है।

ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगने से प्लेटफार्म छोटा पड़ जाएगा। कई मार्गो पर लूप लाइन छोटी होने से पीछे आने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा। इसी को देखते हुए लूप लाइन की लंबाई बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई। साथ ही कोच बढ़ाने वाली टेनों की पड़ताल भी हो रही है। गाजियाबाद से लखनऊ तक यार्ड और प्लेटफार्मो का निरीक्षण किया जा चुका है। श्रमजीवी एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने से रुकने वाले स्टेशनों पर कोई समस्या उत्पन्न नहीं होगी, इस ट्रेन को मुरादाबाद के प्लेटफार्म संख्या एक, दो और तीन से चलाया जाएगा।

लखनऊ मेल में कोच बढ़ाने से रामपुर, शाहजहांपुर और हरदोई स्टेशन पर पीछे की ट्रेनों का संचालन बाधित होगा। इसके लिए रेलवे लखनऊ मेल का इन स्टेशनों पर ठहराव दो मिनट रखेगा। रेलवे की श्रमजीवी और लखनऊ मेल में दो-दो कोच बढ़ाने की योजना है। दोनों ट्रेनें 24 के बजाय 26 कोच की हो जाएंगी। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि 24 कोच वाली टेनों को 26 कोच करने की प्लानिंग हो चुकी है। हालांकि कोच बढ़ाने का अंतिम फैसला मुख्यालय का होगा।

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.