Railway employees won’t be able to alter train arrival/departure date

| March 8, 2018

लेट ट्रेन को राइट करने की बाजीगिरी पर अब ताला लग जाएगा। रेलवे ने देशभर में सही समय पर ट्रेन चलाने और समय का पालन करने के लिए स्टेशनों और टर्मिनलों पर डॉटा लॉकर लगाए हैं। यह एक स्टेशन पर एक या एक से अधिक पर लगाए गए हैं। इस डॉटा लॉकर में ट्रेनों की आवाजाही का सही समय दर्ज होगा। समय को लेकर किसी तरह की हेरीफेरी नहीं की जा सकेगी। यानी लेट चल रही ट्रेनों को रिकार्ड में सही समय पर चलना बताकर समयबद्धता सुधारने का अभ्यास खत्म हो जाएगा।








चूंकि यह डाटा ऑनलाइन होगा, इसलिए इसकी जानकारी रेलवे बोर्ड तक होगी। साथ ही यात्रियों को भी 139 और इंटरनेट पर रनिंग ट्रेन स्टेटस की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। अभी विभिन्न जोनल रेलवे में बंटे भारतीय रेलवे की ट्रेन जब एक जोन से दूसरे जोन में जाती है तो पहले जोन वाले कर्मचारी अपने यहां ट्रेन टाइम को राइट दिखाते हैं जबकि दूसरे जोन वाले अपने यहां पहले के जोन से लेट होना दिखाते हैं। लिहाजा दोनों के यहां समयबद्धता को लेकर बाजीगिरी चलती रहती हैं।




लेकिन अब प्रमुख स्टेशनों और प्रमुख रेल सेक्शनों के बीच आने वाले स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक डॉटा लॉकर लगा दिया गया है। यह सीधे तौर पर सिग्नल से जुड़ा हुआ है। जैसे ही ग्रीन सिग्नल पार करके ट्रेन स्टेशन पर आएगी, उसका समय डॉटा लॉकर में आ जाएगा। इसी तरह से जब ग्रीन सिग्नल पाकर ट्रेन स्टेशन से निकलेगी तो उसका समय डॉटा लॉकर में आ जाएगा। यह डॉटा रेलवे के आंतरिक नेटवर्क पर ऑनलाइन भी रहेगा, जिससे ट्रेनों की समयबद्धता देखी जा सकेगी। इस प्रक्रिया के शुरू हो जाने के बाद मंडल रेलवे के नियंतण्रकक्ष में बैठे नियंत्रकों और स्टेशनों पर तैनात स्टेशन मास्टर व सहायक स्टेशन मास्टरों की ड्यूटी केवल ट्रेनों के परिचालन की ही होगी।




उन्हें अब इस पचड़े में नहीं पड़ना होगा कि किस जोनल रेलवे से ट्रेन लेट आई और उनके यहां किस वजह से लेट हुई है। इसकी खानापूर्ति करने में समय नहीं गंवाना होगा। उन्हें सीधे तौर पर ट्रेनों का परिचालन करना होगा। अगर ट्रेनें लेट होती हैं तो उसका कारण बताना होगा। यह सब कुछ होने के बाद ट्रेन इन्क्वायरी इंफार्मेशन सिस्टम और 139 पूछताछ सेवा को भी वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। कंट्रोल ऑफिस एप्लिकेशन और डॉटा लॉकर से 80 प्रतिशत मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की निगरानी की जा सकेगी। वास्तव में ट्रेनों के लिए 31 डॉटा लॉकर लगाए जाने थे, लेकिन और बेहतर परिणाम के लिए 41 डॉटा लॉकर लगाए गए हैं।

लेट ट्रेन को राइट करने की बाजीगिरी पर लगा ताला,  डॉटा लॉकर युक्त स्टेशन

खंडवा, बलारसा, रोहा, मुंबई सीएसटी, आसनसोल, हावड़ा, मुगलसराय, मानपुर, गोल्डनगंज, सीमापुर, क्यूल, प्रधानकुंटा, भुवनेश्वर, भादरक, दुववादा, छिपियाना, पलवल, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, न्यू बोगाईगांव, रानीनगर जलपाईगुड़ी, ओल्ड माल्दा जंक्शन, कटिहार, जयपुर, रेवाड़ी, चेन्नई सेंट्रल, जोलार पेट्टी, गुडुर, सकिंदराबाद, झारसुगुडा, बिलासुपर, बेंगलुरु, अहमदाबाद, नागदा, बीना, जबलपुर और न्यू कटनी जंक्शन।

Category: Indian Railways, News

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