Indian Railway Staff get Martyr’s status in case of death on duty

| March 7, 2018

मुरादाबाद 1रेल लाइन की मरम्मत और रखवाली करते समय ट्रेन से कटकर, टक्कर से या प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले रेल कर्मियों को शहीद का दर्जा मिलेगा। सैनिक की तरह रात-दिन काम करने के कारण रेलवे बोर्ड ने ऐसे कर्मियों का ‘रेल सैनिक’ माना है। 1कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारतीय रेल है। लाइन की मरम्मत करने, निगरानी करने और पटरी बदलने का काम गैंगमैन, कीमैन, पेट्रोल मैन, और सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए गेट मैन, केबिल मैन, जैसे कर्मचारी 24 घंटे काम करते हैं।








देश में ऐसे रेल कर्मियों की संख्या पांच लाख से अधिक है। रेल लाइन की निगरानी और मरम्मत करते हुए प्रत्येक साल तीन सौ से अधिक कर्मियों की ट्रेन से कटकर या टकराकर मौत हो जाती है। सूचना मिलते ही रेलवे के कार्मिक विभाग का एक कर्मचारी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचता है। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए परिवार वालों को पांच हजार रुपये देकर चला जाता है। रेलवे ने आंधी-बारिश में डटे रहने वाले रेल कर्मियों को ‘रेल सैनिक’ माना है।




रेलवे बोर्ड के अधिशासी निदेशक (आइआर) आलोक कुमार ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। इसमें कहा है कि ड्यूटी के दौरान गेटमैन, गैंगमैन, कीमैन, पेट्रोल मैन, फॉग पोर्टर, सिग्नल तकनीशियन, पोर्टर और रेल संचालन से जुड़े कर्मचारी ‘रेल सैनिक’ माने जाएंगे। ऐसे कर्मियों की ड्यूटी के दौरान हादसे में या प्राकृतिक आपदा में मौत हो जाती है तो रेलवे प्रशासन उन्हें शहीदों के तर्ज पर सम्मान देगा। मृतक कर्मचारी के शव को ताबूत में रखा जाएगा और रेलवे अधिकारी पुष्प अर्पित करेंगे।




अंतिम संस्कार के समय रेलवे के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। रेल प्रशासन की ओर से मृतक कर्मचारी के परिवार वालों को दाह संस्कार के लिए खर्च दिया जाएगा। बकाया राशि का भुगतान जल्द ही परिवार के सदस्यों को कर दिया जाएगा। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि रेलवे बोर्ड का यह आदेश मिल गया है। अधिकारियों को इस पर तत्काल प्रभाव से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।’>>गैंगमैन, कीमैन आदि को रेलवे बोर्ड ने माना ‘रेल सैनिक’ 1’>>जान गंवाने पर अंतिम संस्कार में अधिकारी होंगे शामिल

Category: Indian Railways, News

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