रेलवे भर्ती परीक्षा: 90,000 भर्तियों के लिए एक और राहत देने की तैयारी, ये लोग भी कर सकेंगे आवेदन

| March 1, 2018

RRB recruitment 2018: हाल ही में निकाली गई 90,000 भर्तियों के लिए आवेदन को लेकर तय नियमों में रेलवे एक और बदलाव कर सकता है। रेल मंत्रालय ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा है कि वह दृष्टिबाधित युवाओं को भी इन भर्तियों के लिए आवेदन करने की अनुमति देगा। रेलवे ने नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड (एनएफबी) द्वारा दायर याचिका के जवाब में कोर्ट में ये बात कही है। एनएफबी ने कोर्ट में इन 90 हजार भर्तियों में दृष्टिबाधित लोगों को आवेदन करने की अनुमति न देने के खिलाफ याचिका दायर की थी।








रेल मंत्रालय ने एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरि शंकर की बेंच से कहा कि वह दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को इन पदों के लिए आवेदन करने की अनुमति देगा।

जल्द ही इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।

कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 1 मार्च को होगी।

इससे पहले हो चुके हैं ये 4 बदलाव
1. आईटीआई जरूरी नहीं

अब भर्ती परीक्षा सिर्फ 10वीं पास भी आवेदन कर सकते हैं। आईटीआई सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं। नए नियम के अनुसार भर्ती परीक्षा में 10वीं पास छात्र या आईटीआई या नेशनल अप्रेंटिंस सर्टिफिकेट वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं। 22 फरवरी को सरकार ने आईटीआई की अनिवार्यता को खत्म कर दिया। यानी अब केवल 10वीं पास भी ग्रुप डी की भर्तियों के लिए आवेदन कर सकता है।




2. आयु सीमा में राहत
रेलवे ग्रुप डी के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 2 साल बढ़ाकर 28 से 30 वर्ष कर दिया है। लोको पायलट एवं तकनीशियनों के अब अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष है। लेवल 1 पोस्ट के लिए आयु सीमा बढ़ाकर 31 से 33 कर दी गई है। इससे रेलवे भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिली है। आयु की गणना 1 जुलाई 2018 से होगी।




3. बढ़ाया गया परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए एग्जामिनेशन फीस नहीं बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि अगर उम्मीदवार रेलवे भर्ती परीक्षा देता है तो यह बढ़ी हुई फीस उसे बाद में वापस कर दी जाएगी। दरअसल इस बार जो 90,000 भर्तियां निकाली गई हैं उसमें आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये और अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये एग्जामिनेशन फीस रखी गई है। जबकि इससे पहले जो भर्तियां निकाली गई थीं, उनमें अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 100 रुपये फीस रखी गई थी जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को फीस से छूट थी। उन्हें परीक्षा के लिए कोई फीस नहीं देनी होती थी। ऐसे में रेलवे भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं में काफी असंतोष था। इस पर पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है कि परीक्षा के लिए गंभीर उम्मीदवार ही आवेदन करें। बहुत बार कम शुल्क की वजह से लोग आवेदन कर देते हैं लेकिन परीक्षा नहीं देते। ऐसे में सरकार को नुकसान होता है। भर्ती परीक्षा आयोजित करने में सरकार का काफी पैसा खर्च होता है। अगर उम्मीदवार परीक्षा देता है तो बढ़ी हुई फीस वापस कर दी जाएगी। रेल मंत्री की इस घोषणा के बाद स्पष्ट है कि अगर उम्मीदवार परीक्षा देता है तो आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को उनकी पूरी फीस यानी 250 रुपये वापस कर दी जाएगी जबकि अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को 500 रुपये के शुल्क में से 400 रुपये वापस कर दिए जाएंगे।

5. किसी भी भाषा में कर सकते हैं सिग्नेचर
पीयूष गोयल ने यह भी साफ किया है कि उम्मीदवार किसी भी भाषा में सिग्नेचर कर सकते हैं। ऐसी खबरें थीं कि सिर्फ हिन्दी या अंग्रेजी में किया गया सिग्नेचर ही मान्य होगा जिस पर रेल मंत्री ने ये सफाई दी है।

सी ग्रुप लेवल – II में फिटर, क्रेन ड्राइवर, ब्लैकस्मिथ और कारपेंटर जैसे टेक्नीशियन पद शामिल हैं। ग्रुप सी लेवल- I (पहले ये ग्रुप डी में थे) में ट्रेक मेंटेनर, प्वॉइंट्स मैन, हेल्पर, गेटमैन शामिल हैं। लेवल एक के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 5 मार्च तथा स्तर दो के लिए अंतिम तिथि 12 मार्च है। कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट अप्रैल-मई 2018 में हो सकता है। चयनित उम्मीदवारों को 18000-56900 रुपये और 19900 रुपये से 63200 रुपये के बीच होगी।

Category: Indian Railways, News

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