इस साल कर्मचारियों का वेतन 9.6 फीसद बढ़ने की उम्मीद

| February 28, 2018

देश में कर्मचारियों के वेतन में इस साल केवल 9.6 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। यह पिछले साल के बराबर ही है। जबकि बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों को 15.4 प्रतिशत अप्रेजल मिलने की उम्मीद है क्योंकि कंपनियां प्रदर्शन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही हैं।एचआर संबंधी परामर्श देने वाली कंपनी एआन हेविट के वार्षिक वेतन वृद्धि सव्रेक्षण के मुताबिक भारतीय कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों का वेतन औसतन 9.4 प्रतिशत बढ़ाए जाने की उम्मीद है।








सव्रेक्षण में 20 से अधिक उद्योगों से जुड़ी 1,000 से ज्यादा कंपनियों को शामिल किया गया है। एआन का मानना है कि भारत में वेतन वृद्धि औसतन 9.4 से 9.6 प्रतिशत के बीच रहेगी। 2017 के दौरान औसतन वेतन बढ़ोतरी 9.3 प्रतिशत थी।सव्रेक्षण के मुताबिक सालाना आधार पर वेतन वृद्धि के पूर्व स्तर में बने रहने के बावजूद भी भारत एशिया प्रशांत में अग्रणी बना हुआ है। चीन में वेतन वृद्धि 6.7 प्रतिशत, फिलीपीन में 5.8 प्रतिशत, मलयेशिया में 5.1 प्रतिशत सिंगापुर में 4 प्रतिशत, ऑस्ट्रेलिया में 3.2 प्रतिशत और जापान में 2.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।




एआन इंडिया कंसंिल्टग के पार्टनर आनंदोरूप घोष ने कहा, कौशल की कमींिचता की मुख्य वजह रही। कंपनियां बेहतर प्रदर्शन करने वालों की पहचान और भुगतान करने के लिए अधिक सतर्कता बरत रही हैं।

सातवें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर होगा 3 गुना

7th Pay Commission, CPC Latest News: एक पैनल इस साल अप्रैल तक कर्मचारियों की मांगों पर अंतिम फैसला ले सकता है। यह उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री द्वारा लोअर लेवल के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का वादा भी पूरा हो सकता है।

7th Pay Commission: सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूतम वेतन वृद्धि से जुड़ी हुई सभी अटकलें जल्द ही खत्म होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार इसी साल अप्रैल में अपने कर्मचारियों की मांगों पर फाइनल फैसला ले सकती है। रिपोर्ट्स की मानें तो केंद्र सरकार फिटमेंट फेक्टर को 3 गुना बढ़ाकर कर्मचारियों के मूल वेतन में बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है, और यही कारण है कि इस पर चल रही बहस लंबे समय तक जारी है। आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय ने कथित रूप से एक पैनल स्थापित किया है जो इस साल अप्रैल तक इन कर्मचारियों की मांगों पर अंतिम फैसला ले सकता है। यह उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री द्वारा लोअर लेवल के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का वादा भी पूरा हो सकता है।




रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इसमें सभी विभागों के अधिकारियों और मंत्रियों को शामिल किया गया है। इस समिति में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सचिवों के अलावा डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग, पेंशन, रिवेन्यू, एक्सपेंडेचर, हेल्थ, रेलवे बोर्ड के साइंस एंड टेक्नॉलोजी के चैयरमेन और डिप्टी कैग इसके मेंबर हो सकते हैं। ऐसा हो सकता है कि कैबिनेट सेक्रेटरी प्रदीप कुमार सिन्हा इस कमेटी के अध्यक्ष हों। हालांकि अभी तक इस कमेटी के बारे में भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

केंद्रीय कर्माचरियों की मांग है कि उनकी न्यूनतम सैलरी को 18,000 रुपए महीने बढ़ाने के बजाय 26,000 रुपए महीने किया जाए। इसके अलावा फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 गुने से बढ़ाकर 3.68 गुना कर दिया जाए। आपको बता दें कि वेतन विसंगति को सुलाझाने के लिए नेशनल अनॉमली कमेटी बनाई गई थी। न्यूनतम वेतन मे बढ़ोतरी और फिटमेंट फेक्टर वेतन विसंगति नहीं थे। इसलिए यह नेशनल अनॉमली कमेटी के दायरे में नहीं आते।

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