रेलवे परीक्षार्थियों की फीस वापस होगी ’ रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सम्मेलन में की घोषणा

| February 23, 2018

रेलवे परीक्षार्थियों की फीस वापस होगी ’ रेJल मंत्री पीयूष गोयल ने सम्मेलन में की घोषणा

रेल मंत्री गोयल ने रेलवे के आपूर्तिकर्ताओं के सम्मेलन में सामान्य और आरक्षित श्रेणी के अभ्यार्थियों को परीक्षा देने के बाद फीस वापस करने की घोषणा की है। सामान्य श्रेणी के अभ्यार्थी से 500 रुपये और आरक्षित श्रेणी के अभ्यार्थी से 250 रुपये फीस ली जा रही है। यदि अभ्यर्थी रेलवे परीक्षा में बैठते हैं तो आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी को पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।








\जबकि सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थी के बैंक खाते में 400 रुपये वापस आ जाएंगे। लेकिन परीक्षा में नहीं बैठने पर रेलवे एक पैसा वापस नहीं देगा। बताते हैं कि 2016 में आयोजित रेलवे की परीक्षा में आवेदन की अपेक्षाकृत 60 फीसदी अभ्यर्थी नहीं आए थे। जबकि परीक्षा के इंताजम पर रेलवे भारी धन खर्च करता है और बड़ी संख्या में कर्मचारियों को तैनात करता है। मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे अगर मंदिर मॉडल के अनुसार अयोध्या का स्टेशन का निर्माण करेगा तो इसमें कुछ गलत नहीं है।




उन्होंने कहा कि अयोध्या के स्टेशन का निर्माण अगर भगवान श्रीराम के जन्म स्थान के साथ जोड़ा जाता है तो इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। देश के इतिहास, धरोहर व पंरपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में रेलवे का अहम योगदान रहा है। विदित हो कि रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने उत्तर प्रदेश में एक कार्यक्रम में कहा था कि अयोध्या स्टेशन की नई इमारत राम मंदिर का प्रतिरूप होगी।

बड़ी खबर: रेलवे बोर्ड ने उम्र सीमा के बाद अब ITI की बाध्यता भी की खत्म

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि रेलवे भर्ती परीक्षा में आइटीआइ की बाध्यता भी खत्म की जाती है। ये बाध्यता बिहार के छात्रों के आंदोलन को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब पुराने नियमों से ही होगी रेलवे भर्ती की परीक्षा।




बता दें कि रेलवे भर्ती नियंत्रण बोर्ड ने 90000 पदों के लिए बंपर वैकेंसी निकाली है, जिसमें उम्र सीमा को लेकर बिहार में परीक्षार्थियों के हंगामा प्रदर्शन के बाद रेल मंत्री ने परीक्षाओं के लिए आवेदन करने हेतु आयु सीमा में बदलाव कर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है, जिसके बाद रेलमंत्री ने एक और एलान किया था कि रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए एग्जामिनेशन फीस नहीं बढ़ाई गई है।

उन्होंने कहा कि अगर उम्मीदवार रेलवे भर्ती परीक्षा देता है तो यह बढ़ी हुई फीस उसे बाद में वापस कर दी जाएगी। दरअसल, इस बार जो 90,000 भर्तियां निकाली गई हैं उसमें आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये और अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये की परीक्षा फीस रखी गई है।

जबकि इससे पहले जो भर्तियां निकाली गई थीं, उनमें अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 100 रुपये फीस रखी गई थी जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को फीस से छूट थी। उन्हें परीक्षा के लिए कोई फीस नहीं देनी होती थी। ऐसे में रेलवे भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं में काफी असंतोष था।

इस पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है कि परीक्षा के लिए गंभीर उम्मीदवार ही आवेदन करें। बहुत बार कम शुल्क की वजह से लोग आवेदन कर देते हैं लेकिन परीक्षा नहीं देते। ऐसे में सरकार को नुकसान होता है। भर्ती परीक्षा आयोजित करने में सरकार का काफी पैसा खर्च होता है। अगर उम्मीदवार परीक्षा देता है तो बढ़ी हुई फीस वापस कर दी जाएगी।

रेल मंत्री की इस घोषणा के बाद स्पष्ट है कि अगर उम्मीदवार परीक्षा देता है तो आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को उनकी पूरी फीस यानी 250 रुपये वापस कर दी जाएगी जबकि अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को 500 रुपये के शुल्क में से 400 रुपये वापस कर दिए जाएंगे।

आयु सीमा को लेकर बिहार में छात्रों ने किया था प्रदर्शन

आयु सीमा को लेकर बिहार में छात्रों ने प्रदर्शन किया था जिसके बाद ये बदलाव किए गए हैं। इसपर केंद्रीय कानून मंत्री और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बोर्ड को इसके लिए धन्यवाद दिया है। सुशील मोदी ने कहा कि बिहार के अभ्यर्थियों की मांग को रेलवे बोर्ड ने मान लिया है इससे सभी अभ्यर्थियों को फायदा होगा।

क्षेत्रीय भाषाओं में भी जल्द ली जाएगी परीक्षा

इस बदलाव के साथ ही भारतीय रेलवे ने यह भी घोषणा की है कि भर्ती परीक्षाएं जल्द ही क्षेत्रीय भाषाओं मलयालम, तमिल, कन्नड़, ओड़िया, तेलुगु और बांग्ला में भी होंगी, इससे क्षेत्रीय भाषा के अभ्यर्थियों के लिए भी ये काम की खबर है।

जानिए अब क्या होगी अभ्यर्थियों की आयु सीमा

बोर्ड की तरह से आयु सीमा को लेकर किए गए बदलाव के बाद लोको पायलट्स और असिस्टेंट लोको पायलट्स के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 30 साल कर दी गई है जो पहले 28 साल थी। इसी तरह से ओबीसी के लिए 31 से बढ़ाकर 33 और एससी/एसटी के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 साल से बढ़ाकर 35 साल कर दी गई है।

इसी तरह से ग्रुप डी की परीक्षाओं में सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा को 28 साल से बढ़ाकर 30 साल कर दिया गया है। ओबीसी की अधिकतम आयु सीमा को 34 सालों से बढ़ाकर 36 साल कर दिया गया है और एससी/एसटी के लिए अधिकतम आयु सीमा को 36 साल से बढ़ाकर 38 साल कर दिया गया है।

हालांकि उम्र सीमा में किए गए बदलाव के बाद भी बिहार में विवाद थमा नहीं है। अब छात्र परीक्षा से आइटीआइ की बाध्यता खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
रेलवे की है अबतक की सबसे बड़ी वैकेंसी
रेलवे ने लोको पायलट एवं तकनीशियनों समेत निचले स्तर के करीब 90000 पदों के लिए आवेदन मंगाया है। इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं तथा आईटीआई का प्रमाणपत्र है। रेल मंत्रालय ने ग्रुप सी के स्तर एक और दो के लिए 89,409 पदों पर आवेदन मंगाये हैं।

सी ग्रुप लेवल – II में फिटर, क्रेन ड्राइवर, ब्लैकस्मिथ और कारपेंटर जैसे टेक्नीशियन पद शामिल हैं। ग्रुप सी लेवल- I (पहले ये ग्रुप डी में थे) में ट्रेक मेंटेनर, प्वॉइंट्स मैन, हेल्पर, गेटमैन शामिल हैं। लेवल एक के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 5 मार्च तथा स्तर दो के लिए अंतिम तिथि 12 मार्च है। कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट अप्रैल-मई 2018 में हो सकता है।

योग्यता

ग्रुप सी लेवल वन के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का 10वीं पास होना जरूरी है। साथ ही उम्मीदवारों का आईटीआई किया होना जरूरी है। वहीं लेवल टू के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का 10वीं पास होने के साथ साथ आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग किया होना भी जरूरी है।

वेतन

चयनित उम्मीदवारों को 18000-56900 रुपये और 19900 रुपये से 63200 रुपये के बीच होगी। आवेदन के लिए इंडियन रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट indianrailwayrecruitment.in पर जाकर नौकरी के लिए आवेदन दे सकते हैं।

Category: Indian Railways, News

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