रेलवेकर्मी खुश – ट्यूशन फीस के लिए नहीं देनी होगी रसीद

| February 21, 2018

रेलवेकर्मी खुश – ट्यूशन फीस के लिए नहीं देनी होगी रसीद, ’ रेलवे बोर्ड ने ट्यूशन फीस देने की प्रक्रिया में बदलाव किया, शैक्षिक सत्र के अंत में स्कूल का प्रमाण पत्र देना होगा

रेलवे कर्मचारियों के लिए खुश खबरी है। रेलवे बोर्ड ने टयूशन फीस लेने की प्रक्रिया को सरल कर दिया है। अब स्कूल फीस, बैग,ड्रेस और जूता खरीद की रसीद देनी नहीं होगी। रेल श्रमिक संघ की मांग पर यह ऐतिहासिक बदलाव किया है। रेलवे श्रमिक संघ के केंद्रीय सहायक महामंत्री जेएस ने इज्जतनगर मंडल के कर्मचारियों को जब ट्यूशन फीस लेने की प्रक्रिया में बदलाव के बारे में बताया तो कर्मचारी खुशी से झूम गए। भदौरिया ने सोमवार को कारखाना इज्जतनगर में आयोजित बैठक में कर्मचारियों को बताया, रेलवे बोर्ड ने रेल कर्मचारियों के बच्चों को मिलने वाली ट्यूशन फीस की धनराशि हेतु नियमों का सरलीकरण कर दिया है।








स्कूल रसीद एवं कापी किताबों की रसीद की बधायता को समाप्त करने की मांग सातवें वेतन आयोग से की थी। रेल बोर्ड ने संघ की मांग को मान लिया। अब रेल कर्मचारियों को बच्चों की टयूशन फीस हेतु कापी किताबों,ड्रेस, जूता स्टेशनरी की रसीद आवेदन के साथ नहीं देनी होगी। सिर्फ स्कूल में शिक्षाग्रण का प्रमाण पत्र मात्र देना होगा। टयूशन फीस नये नियम के अनुसार वर्ष में एक बार शिक्षा सत्र समाप्त होने पर मिलेगी। एक अप्रैल से दस मई के बीच प्रतिवर्ष कर्मचारियों को आवेदन करना होगा।




दस जून तक रेलवे का कार्मिक विभाग सभी आवेदनों जांच कर रेलवे के लेखा विभाग को भेजेंगे। इसके बाद प्रतिवर्ष जुलाई माह के वेतन में ट्यूशन फीस की धनराशि 27000 रुपये देय होगा। यह सुविधा रेल कर्मचारियों के वरिष्ठतम दो बच्चों को ही मिलेगी। रेल श्रमिक कार्यालय पर मनोज शर्मा, अलखराय, जितेन्द्र सिह, विवेक शर्मा, धनकुमार, रामानुज यादव, रवीन्द्र कुमार पवन सिंह, अरविन्द भदौरिया, वीरेन्द्र पाल आदि मौजूद रहे।

बिना बताए छुट्टी पर गए 13,500 हजार कर्मचारियों को निकालेगा रेलवे

भारतीय रेलवे बिना बताए छुट्टी पर गए 13,500 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर रहा है. रेलवे की तरफ से ऐसे साढ़े 13 हजार कर्मचारियों की पहचान की गई है जो लंबे समय से बिना बताए छुट्टी पर चल रहे हैं.

भारतीय रेलवे बिना बताए छुट्टी पर गए 13,500 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर रहा है. रेलवे की तरफ से ऐसे साढ़े 13 हजार कर्मचारियों की पहचान की गई है जो लंबे समय से बिना बताए छुट्टी पर चल रहे हैं. इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. रेलवे ने यह कदम तब उठाया है जब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने उच्च अधिकारियों से कहा कि वे रेल के सभी विभागों में मौजूद उन लोगों का पता लगाएं जो लंबे समय से बिना बताए छुट्टी पर हैं.




मनोबल बढ़ाने के लिए एक अभियान शुरू किया
रेलवे के बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने संगठन का प्रदर्शन बेहतर करने और निष्ठावान व मेहनती कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए एक अभियान शुरू किया था. यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है. इसके अनुसार, ‘रेलवे के विभिन्न प्रतिष्ठानों में लंबे समय से अनुपस्थित कर्मचारियों की पहचान करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया गया. इस अभियान के परिणाम में रेलवे ने अपने लगभग 13 लाख कर्मचारियों में से 13 हजार से भी अधिक ऐसे कर्मचारियों की पहचान की है जो लंबे समय से अनुपस्थित हैं.’

कर्मचारियों की सूची से इनका नाम हटाने का निर्देश
इसके अनुसार रेलवे ने इन अनुपस्थित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के लिए नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है. रेलवे ने सभी अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को उचित प्रक्रिया पर अमल के बाद कर्मचारियों की सूची से इनका नाम हटाने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि रेल मंत्री ने सभी रेलवे जोन और मंडल को अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर एक्शन लेने के आदेश दिए हैं. यह भी कहा है कि अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए.

Category: News, Seventh Pay Commission

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