राष्ट्रीय पेंशन योजना बदलावों से निवेश का बेहतर विकल्प बनी

| February 18, 2018

एनपीएस सरकारी पेंशन योजना है। यह सरकारी के साथ स्वरोजगार में लिप्त लोगों के लिए भी उपलब्ध है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए भी यह योजना मुफीद है। इसमें कर्मचारी और सरकार के अंशदान से जमा धनराशि वित्तीय संस्थानों को मिलती है। एनपीएस ट्रस्ट इसके कोष का प्रबंधन करता है। सरकार ने एनपीएस से जुड़ने की आयुसीमा भी 60 से 65 साल कर दी है। पहले यह 18 से 60 वर्ष के उम्र के व्यक्ति ही इसके पात्र थे। अगर आप भविष्य को सुरक्षित करने के लिए युवावस्था में पेंशन का यह विकल्प चुनते हैं और आपके पास आय का कोई नियमित स्नेत नहीं है तो नियमित पेंशन का यह बेहतर विकल्प हो सकता है।








पहले इस स्कीम में भागीदारी के लिए आपको न्यूनतम सालाना निवेश छह हजार रुपये करना जरूरी होता था। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण ने इसे घटाकर न्यूनतम सालाना निवेश एक हजार रुपये कर दिया है। म्यूचुअल फंड जितना जोखिम नहींएनपीएस एक दीर्घकालिक योजना है और 60 वर्ष की उम्र में ही इसकी परिपक्वता पूरी होती है। एनपीएस भी बाजार से जुड़ी योजना है, ऐसे में इसका रिटर्न शेयर बाजार की चाल पर निर्भर करता है। इसका रिटर्न फंड मैनेजरों के प्रदर्शन पर निर्भर रहता है। हालांकि इसमें म्यूचुअल फंड जितना जोखिम भी नहीं होता। यह योजना सामाजिक सुरक्षा का कवर भी देती है।




ज्यादातर बाजार से जुड़ी योजनाओं में कई छिपे हुए खर्च होते हैं। लेकिन एनपीएस किसी भी पेंशन फंड के मुकाबले सबसे कम खर्च वाली स्कीम है। इसमें लगाया हुआ आपका पूरा पैसा आपको वापस मिलता है। यह आपको पेंशन के रूप में हर माह वापस मिलता रहेगा। इसमें से कुछ आप जरूरत और नियमानुसार वापस भी ले सकते हैं।एलटीसीजी का असर नहीं एनपीएस के खाताधारक अपने निवेश को इक्विटी, कारपोरेट बांड या सरकारी प्रतिभूतियों में अलग-अलग आवंटित कर सकते हैं। पेंशन फंडों का प्रबंधन करने वाले पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण स्पष्ट कर चुका है कि एलटीसीजी का एनपीएस पर असर नहीं पड़ेगा। पेंशन योजना के धन का जो निवेश एनपीएस ट्रस्ट करता है उसे कर से छूट प्राप्त है। दरअसल, एनपीएस का शेयर बाजार में टियर-1 और टियर-2 खातों में निवेश होता है। प्राधिकरण के मुताबिक, एलटीजीसी का प्रभाव टियर-2 खातों(स्वैच्छिक रूप से योजना को चुनने वाले गैर-पेंशन योजना वाले खातों) पर पड़ेगा। टियर-2 खातों को कोई कर लाभ नहीं मिलता है। लेकिन इन टियर-2 का निवेश कोष बहुत छोटा है।शिक्षा या घर खरीद को धन निकासीराष्ट्रीय पेंशन योजना में आपका खाता अगर तीन साल पुराना हो चुका है तो आप सशर्त 25 फीसदी रकम निकाल सकते हैं।




बच्चों की उच्च शिक्षा-शादी, घर खरीदने या निर्माण के लिए, कैंसर या किसी और गभीर बीमारी के इलाज के लिए भी 25 फीसदी हिस्सा निकाल सकते हैं। पूरे निवेश काल में इस तरह की निकासी कुल तीन बार ही की जा सकती है। इस प्रावधान ने पीपीएफ और अन्य योजनाओं के मुकाबले एनपीएस को आकर्षक बनाया है। इससे पहले दस साल पूरा होने पर ही राशि का एक हिस्सा निकाला जा सकता था। निवेशक 60 साल की उम्र के पहले भी बच्चे की शिक्षा या शादी आदि के लिए पैसा निकाल सकते हैं। गैर सरकारी कर्मियों को भी टैक्स छूटकेंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन योजना में जमा रकम निकालने पर टैक्स छूट का लाभ अब गैर सरकारी कर्मचारियों को भी देने का प्रस्ताव किया है। अभी एनपीएस में योगदान करने वाले सरकारी कर्मचारी को ही खाता बंद करने या एनपीएस से निकलते वक्त देय कुल रकम के 40 प्रतिशत पर टैक्स छूट दी जाती है। एक अप्रैल से यह प्रस्ताव लागू हो जाएगा। इससे गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए योजना को आकर्षक बनाया गया है। पिछले पांच साल में इसमें 14 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है। यह योजना अभी भी 8 से 10} के बीच रिटर्न दे रही है। आयकर बचत का भी विकल्पएनपीएस आयकर में छूट पाने का भी विकल्प देती है। एनपीएस में कर छूट लाभ दो तरीके से ले सकते हैं। मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10 फीसदी एनपीएस में निवेश करने पर टैक्स छूट मिलती है।

इस तरह सेक्शन 80 सीसीडी-1 के तहत डेढ़ लाख तक छूट का फायदा उठाया जा सकता है। सेक्शन 80 सीसीडी-1(बी) के तहत 50000 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है। यदि आपने एनपीएस में पहले ही निवेश कर रखा है तो यह निवेश आपको 50 हजार रुपए तक की अतिरिक्त छूट दिला सकता है। मान लीजिए, अगर कोई 30 साल का व्यक्ति 50 हजार की अतिरिक्त कर छूट पाने के लिए एनपीएस से जुड़ता है और वह 20 प्रतिशत कर के दायरे में आता है तो वह 10 हजार रुपये टैक्स बचा सकता है।

राष्ट्रीय पेंशन योजना में 60 साल की उम्र में होने पर निवेशक कर मुक्त 40 फीसदी हिस्सा निकाल सकते हैं। 40 फीसदी अन्य हिस्सा सालाना वेतन किस्तों के तौर पर बांटा जा सकता है। जबकि बाकी 20 फीसदी हिस्सा टैक्स चुकाकर निकाला जा सकता है या निवेश किया जा सकता है। 60 वर्ष से पूर्व निकाली गई रकम कुल निवेश की रकम का 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती।

लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कोष

फीसदी तक कोष शेयर बाजार में निवेश किया जाता है

करोड़ से ज्यादा ग्राहक राष्ट्रीय पेंशन योजना के देश में

से 28 फीसदी सालाना दर से बढ़ रहा इसका ग्राहक आधार

में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू हुई स्कीम

में सभी वर्गो के लिए खोल दी गई यह योजना

इलस्ट्रेशन : भूपेन मंडल

Category: News, NPS

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