रेलवे में एक लाख भर्तियों की प्रक्रिया शुरू, डेढ़ साल में पूरी होगी प्रक्रिया

| February 14, 2018

नई दिल्ली :- इंडियन रेलवे ने थोक के भाव भर्तियां शुरू कर दी हैं। इनमें सबसे अधिक भर्तियां ग्रुप डी कैटेगरी में होंगी। इनके अलावा इंजीनियरों और स्टेशन मास्टर के स्तर पर भी भर्तियां शुरू की जा रही हैं। इस तरह से कुल मिलाकर एक लाख से अधिक भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके अगले एक से डेढ़ साल में पूरा होने की उम्मीद है।








इंडियन रेलवे के सूत्रों का कहना है कि ये भर्तियां रेलवे भर्ती बोर्ड के जरिए की जाएंगी। ग्रुप डी में भर्ती के लिए हाईस्कूल और आईटीआई पास लोग आवेदन कर सकते हैं। ग्रुप डी के तहत कुल 62 हजार 907 पद भरे जाएंगे। इनमें से 9,453 पद अनुसूचित जाति, 5,061 पद अनुसूचित जनजाति और 16,502 पद ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रखे गए हैं। इनके अलावा 31,889 पद अनारक्षित होंगे यानी इन पदों पर सामान्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस बार भी रेलवे ऑनलाइन ही परीक्षा लेगा। इस परीक्षा के बाद पहले फिजिकल टेस्ट और फिर मेडिकल टेस्ट होगा। इस प्रक्रिया के जरिए चुने गए लोगों को भर्ती किया जाएगा।



रेलवे सूत्रों का कहना है कि सबसे अधिक पद उत्तर रेलवे के लिए भरे जाने हैं। उत्तर रेलवे के लिए 7,832 पदों के लिए भर्ती की जाएगी, जबकि दूसरे नंबर पर साउथ सेंट्रल रेलवे है, जहां 6,523 पद भरे जाएंगे। सबसे कम साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे में 1,159 पद भरे जाएंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हालांकि 62 हजार से अधिक पद ग्रुप डी कैटिगरी के लिए हैं लेकिन इनके अलावा स्टेशन मास्टर स्तर पर भी 12 हजार 445 पद भरे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।




रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इसी तरह से लगभग 26 हजार पदों पर इंजिनियरों और तकनीकी अधिकारियों की भी भर्ती की जानी है। इस तरह से कुल मिलाकर एक लाख से अधिक पद भरे जाएंगे। रेलवे के जानकारों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर यह भर्ती प्रक्रिया लंबे अरसे बाद की जा रही है। रेलवे यूनियन के सीनियर लीडर शिवगोपाल मिश्रा के मुताबिक ये भर्तियां इसलिए जरूरी हैं, क्योंकि सेफ्टी से जुड़े लगभग डेढ़ लाख पद खाली पड़े हुए हैं। दिक्कत यह है कि नई-नई ट्रेनें चलती रहीं लेकिन न तो भर्तियां की गईं और न ही कोई और उपाय किए गए।

मिश्रा का कहना है कि इन दिनों रेलवे में सबसे बड़ा मामला सेफ्टी का है। मेनटेंनेंस के बिना सेफ्टी संभव नहीं है। ऐसे में अगर ये भर्तियां हो रही हैं तो उम्मीद की जानी चाहिए कि इससे रेलवे को ही फायदा होगा।

Source:- NBT

Category: Indian Railways, News

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