सातवें वेतन आयोग पे सरकार कर सकती है बड़ा एलान, कितनी होगी सैलरी जानिए

| February 14, 2018

7th Pay Commission: नेशनल अनोमली कमेटी ने डीओटीपी से केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 18,000 रुपए से बढ़ाकर 21,000 रुपए करने की सिफारिश की थी। वहीं फिटमेंट फेक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.00 करने की सिफारिश की थी।

केंद्र सरकार के कर्मचारी अब भी अस्पष्ट हैं कि न्यूनतम वेतन में और बढ़ोतरी हो रही है या नहीं हो रही है। केंद्र कर्मचारियों की मांग को ध्यान में रखकर 7 वें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक केंद्र सरकार न्यूनतम वेतन को बढ़ा देगी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो केंद्र सरकार बढ़ी हुई सैलरी को अगले वित्तीय वर्ष से देना शुरू कर देगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुछ समय पहले आश्वासन दिया था कि मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी के मुताबिक फिटमेंट फेक्टर बढ़ाएगी।








अगर मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की मांग के मुताबिक फिटमेंट फेक्टर बढ़ा देती है तो उनकी सैलरी बढ़कर 24,000 रुपए महीने से ज्यादा हो जाएगी। हालांकि अभी तक इसके बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं जो केंद्रीय कर्मचारी मेट्रिक्स लेवल 1-5 तक में आते हैं उनकी बढ़ी हुई सैलरी अप्रैल में आएगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद उनकी न्यूनतम सैलरी 7,000 रुपए महीने से बढ़कर 18,000 रुपए महीने हो जाएगी। वहीं फिटमेंट फेक्टर भी 2.57 गुना बढ़ जाएगा। इसके अलावा अधिकतम सैलरी 90,000 रुपए महीने से बढ़कर 2.5 लाख रुपए महीने हो जाएगी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को केबिनेट ने 29 जून 2016 को ही मंजूरी दे दी थी। अब केंद्रीय कर्माचरी मांग कर रहे हैं कि उनकी न्यूनतम सैलरी को 18,000 रुपए महीने बढ़ाने के बजाय 26,000 रुपए महीने किया जाए। इसके अलावा फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 गुने से बढ़ाकर 3.68 गुना कर दिया जाए।





सातवें वेतन आयोग को लागू करने के लिए नेशनल अनोमली कमेटी बनाई गई थी। यह कमेटी वेतन विसंगति को सुलझाने के लिए बनाई गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेशनल अनोमली कमेटी ने डीओटीपी से केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 18,000 रुपए से बढ़ाकर 21,000 रुपए करने की सिफारिश की थी। वहीं फिटमेंट फेक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.00 करने की सिफारिश की थी। रिपोर्ट्स की मानें तो डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (डीओटीपी) एनएसी के उस प्रस्ताव के खिलाफ है, जिसमें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से परे केंद्रीय कर्माचारियों की सैलरी बढ़ाने की बात की गई है।

सातवां वेतन आयोग: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बढ़े हुए वेतन का एरियर ?

केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की भत्तों संबंधी सिफारिशें 34 संशोधन के बाद स्वीकार कर ली थीं। सरकार केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को राजी है।लेकिन पिछले साल से बढ़े हुए वेतन का जो बकाया निकलेगा उसे नहीं दिया जाएगा. मीडिया में इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं।बताया जा रहा है कि वित्त मंत्री अरुण अप्रैल से पहले कैबिनेट मीटिंग में इस बात को साफ कर सकते हैं।

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी 7वें वेतन आयोग की शिफारिशें लागू होने का इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में यह खबर उनकी खुशियों में थोड़ा विध्न डाल सकती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार कर्मचारियों को एरियर नहीं देगी. यानि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का जो पिछला पैसा बकाया होगा वह भत्ते के रुप में नहीं मिलेगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली अप्रैल से पहले होने वाली मीटिंग में कैबिनेट के सामने यह प्रस्ताव रख सकते हैं.




6 जुलाई, 2017 को केंद्र सरकार ने 7 वें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) की सिफारिशों भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया था. समिति की भत्ता (सीओए) और ई-कॉसम की सिफारिश के आधार पर मंत्रिपरिषद ने 28 जून 2017 को आयोजित बैठक में 34 भत्तों में संशोधन को मंजूरी दी थी. 34 भत्तों में संशोधन के साथ सरकार ने यह सिफारिश मान ली थी. सभी भत्ते 1 जुलाई 2017 से प्रभावी हो रहे हैं. इससे 34 लाख सिविल कर्मचारी और 14 लाख रक्षा कर्मियों को लाभ मिलेगा.

केंद्र सरकार के सातवें वेतन आयोग के अनुसार फिटमेंट 2.57 के अनुसार कर्मचारियों का वेतन 1 जनवरी 2016 से बेसिक सैलरी 7000 से बढ़ाकर 18000 रुपए कर दिया गया है. लेकिन इससे परे कर्मचारियों की मांग है कि उनका न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 26,000 रुपए प्रति माह किया जाए और इसके अलावा फिटमेंट फेक्टर को 3.68 गुना बढ़ाया जाए. वहीं उच्चतम स्तर पर (सचिव आदि का वेतन) वेतन 90,000 रुपये से 2.5 लाख तक बढ़ाने के संकेत हैं. क्लास वन के ऑफिसर की सैलरी 56,100 रुपये से स्टार्ट होगी. अभी हाल ही में खबरें सामने आई थीं कि सरकार अप्रैल में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन बढ़ोत्तरी कर सकती है. मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि अगले वित्तीय वर्ष में राजपत्र पर यह जानकारी होगी जबकि इसका कार्यान्वयन अप्रैल 2018 से किया जाएगा.

Category: Indian Railways, News

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