7th Pay Commission – Budget Disappoints but Central Government Employees pins hopes on Middle Class relief

| February 13, 2018

आम बजट से निराश दिख रहे देश के मध्यवर्ग को राहत देने के मकसद से सरकार जल्द ही केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का तोहफा दे सकती है। दरअसल सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद थी कि वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने बजट भाषण में न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि की घोषणा कर सकते हैं। वेतन बढ़ोतरी के लिए अलग से फंड आवंटित करने की उम्मीद भी थी, मगर इस बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। इससे निराशा फैली। बहरहाल, सरकार अब इसकी भरपाई करने वाली है।








करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को नाराज करने का जोखिम वह नहीं ले सकती। इसलिए वह उन्हें उनकी मांग के अनुरूप सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से ज्यादा वेतन का लाभ देने का मन बना चुकी है। संभवत: अप्रैल में वित्त मंत्री अरुण जेटली केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने इसका खाका पेश करेंगे। सातवें पे-कमिशन का मामला करीब डेढ़ साल से लटका हुआ है। जुलाई 2016 में केंद्र सरकार ने इसकी सिफारिशों को मंजूरी दी थी, जिसके तहत न्यूनतम वेतन को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये महीने कर दिया गया था। इसके अलावा फिटमेंट फैक्टर को भी 2.57 गुना कर दिया गया था, लेकिन केंद्रीय कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने मांग रखी कि न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये महीने से बढ़ाकर 26,000 रुपये महीने किया जाए और फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना के बजाए 3.68 गुना किया जाए।



कर्मचारियों की दलील थी कि आयोग की सिफारिशों में कई तरह की विसंगतियां हैं। सरकार ने विसंगतियों को दूर करने के लिए एक राष्ट्रीय विसंगति आयोग (एनएसी) का ही गठन कर दिया, लेकिन उससे भी मामले का कोई सुसंगत हल नहीं निकल सका। बहरहाल, अभी सरकार ने बीच का रास्ता निकालने का फैसला किया है। खबर है कि वित्त मंत्रालय केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन 18,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने जा रहा है। लेकिन साथ में यह चर्चा भी है कि शायद कर्मचारियों को एरियर का लाभ न मिले, या उनकी अपेक्षा से कम मिले। जो भी हो, इस बारे में फैसला लेने में देर नहीं की जानी चाहिए।




कर्मचारियों को वेतनवृद्धि का लाभ देना है तो उसके लिए संसाधन भी जुटाने ही होंगे, हालांकि इस वक्त यह कठिन है। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर संतुलन साधना सरकार के लिए एक चुनौती है। पर दूसरा पहलू यह है कि कर्मचारियों की वेतनवृद्धि से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, क्योंकि इससे एक बड़े वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी। इससे कन्ज्यूमर ड्यूरेबल्स और कारों की बिक्री बढ़ सकती है और रियल्टी सेक्टर में उछाल आ सकता है। बाजार में मुद्रा की अधिक आपूर्ति से मुद्रास्फीति का बढ़ना तय है। बेहतर होगा कि सरकार अपने फालतू खर्च घटाए और टैक्स वसूली को और बेहतर बनाए।

Category: News, Seventh Pay Commission

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