सेफ्टी को नजरंदाज करने वालों की शिकायत कर सकेंगे रेलकर्मी

| February 11, 2018

रेलवे ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि वे जहां भी रेल सेफ्टी को नजरंदाज होता देखें, फौरन शिकायत करें। इसके लिए रेलवे ने एक वेब प्लेटफॉर्म भी तैयार किया है। इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके इस तरह की जानकारी देने वाले कर्मचारियों के नाम तब तक गोपनीय रहेंगे, जब तक वे खुद न बताना चाहें। रेलवे को लग रहा है कि इस तरह का हथियार आने के बाद रेलकर्मी खुद ही ऐसी जानकारियां देंगे, जिन्हें दुरुस्त करके रेल दुर्घटनाओं को टाला जा सकेगा।








सूत्रों का कहना है कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने हाल ही में इंडियन रेलवे के 13 लाख कर्मचारियों को यह पत्र भेजा है और उन्हें कहा है कि वे जहां भी रेल सेफ्टी को नजरंदाज होता देखें, निर्भीक होकर इसकी जानकारी दें। उन्हें यह भी भरोसा दिया गया है कि अगर वे अपने अधिकारी की भी इस बारे में शिकायत करते हैं तो भी उनके नाम का खुलासा नहीं किया जाएगा।



रेलवे बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि कई बार ऐसा देखने में आता है कि ट्रैक रिपेयरिंग या फिर रेलवे से जुड़े किसी कामकाज को पूरा करने के लिए शार्टकट तरीका अपनाया जाता है, जो सेफ्टी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे मामले में कर्मी रेलवे को जानकारी दे सकते हैं। इससे ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी। अधिकारी का कहना है कि खतौली रेल हादसे के बाद यह साफ हो गया था कि बिना ब्लॉक लिए ही ट्रैक की मरम्मत की जा रही थी, जिसकी वजह से ट्रेन हादसा हो गया था। ऐसे मामले दोबारा न हों, इसके लिए ही रेलकर्मियों से मदद मांगी गई है।



इसी तरह से अगर किसी जगह रिपेयरिंग के लिए 20 कर्मचारियों की जरूरत है और वहां 10 लोगों से ही हड़बड़ी में कार्य कराया जाता है तो यह भी ट्रेन सेफ्टी के लिए खतरा हो सकता है। इस तरह के मामलों में भी रेलकर्मी इस पोर्टल के जरिए सीनियर अफसरों को जानकारी दे सकते हैं। रेलवे का कहना है कि शिकायत को देखने के लिए हर जोन के चीफ सेफ्टी अधिकारी को नोडल अफसर बनाया गया है ताकि इस सिस्टम की मॉनीटरिंग हो सके और इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.