7th Pay Commission – Formation of high level committee raises hopes of pay increase

| January 25, 2018

साल 2018 केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जा सकती हैं।

संघर्ष अभी भी जारी

पीटीआई सूत्रों के हवाले से यह खबर आई है कि एक साल बीत चुका है और न्यूनतम वेतन वृद्धि को लेकर कर्मचारियों की लड़ाई अभी भी जारी है। इस संघर्ष में शामिल 48 लाख से ज्यादा कर्मचारी नए साल में कुछ अच्छी उम्मीदों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

हांलाकि सरकार न्यूनतम वेतन वृद्धि बढ़ाने की सिफारिशें मंजूर कर चुकी है, लेकिन यह मामला अभी तक लंबित पड़ा हुआ है। आज से दो साल पहले सातवें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन वृद्धि को लेकर अपनी सिफारिशें पेश की थी, लेकिन सरकार इस बारे में अभी तक कुछ निर्णय नहीं ले सकी है।








अभी हाल में ही यह खबर जोरों पर थी कि केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग के आधार पर कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन वृद्धि की आइडिया को दरकिनार कर दिया है। इसके बाद से 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों तथा 52 लाख पेंशनर्स सरकार के इस रिपोर्ट पर चिंतित हो उठे हैं। तत्पश्चात देशभर के कर्मचारी संगठनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की धमकी दी है।

उच्च स्तरीय समिति का गठन

बीच में एक खबर आई है कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को आगे बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन करने की योजना बना रहे हैं। जल्द ही इस समिति का गठन किया जाएगा।

गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, कार्मिक प्रशिक्षण विभाग, पेंशन, राजस्व, व्यय, पदों, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा रेलवे बोर्ड के चैयरमैन और डिप्टी कैग इस उच्च स्तरीय समिति के सदस्य होंगे। यह समिति न्यूनतम वेतन वृद्धि के संबंध में 7वें वेतन आयोग को सिफारिश पर कार्रवाई करने के लिए उत्तरदायी होगी।




आप को बता दें कि इस उच्च स्तरीय समिति के गठन के साथ ही 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन को लेकर कर्मचारियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।  इस प्रकार साल 2018 केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, उम्मीद की जा रही है कि इस साल 7वें वेतन आयोगी की सिफारिशें कभी भी लागू की जा सकती हैं।

बढ़ सकती है हाउसिंग मुद्रास्फीति

उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कर्मचारियों के एचआर में बढ़ोतरी करने से साल 2018 में हाउसिंग मुद्रास्फीति बढ़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक पहले ही चुका है कि इस साल की तीसरी तथा चौथी तिमाही में अनुमानित मुद्रास्फीति 4.3 तथा 4.7 फीसदी रहने वाली है। जिसमें करीब 35 बेसिस प्वाइंट (करीब 0.35%) एचआर प्रभाव शामिल होगा। यही नहीं वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते भी कुल मुद्रास्फीति में इजाफा देखा जा सकता है।




न्यूनतम वेतन वृद्धि को लेकर कर्मचारियों की डिमांड

केंद्रीय कर्मचारी सरकार से न्यूतम वेतन 18,000 रुपए से बढ़ाकर 26,000 रुपए और फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना की तुलना में 3.68 करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सांतवे वेतनमान के मुताबिक यदि उनके न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी नहीं की गई तो वे अनिश्चि​तकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

आपको बता दें कि सरकार ने क्रमश: जून 2016 तथा जुलाई 2017 में कर्मचारियों के वेतन-भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी थी। सरकार ने शुरू में केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपए करने की बात कही थी।

Category: News, Seventh Pay Commission

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