Rajyarani Train Accident – Railways put blame on Station Master

| January 21, 2018

उत्तर रेलवे मुख्यालय की जांच टीम ने बरेली के पास हुई राज्यरानी एक्सप्रेस और टैंकर हादसे की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें स्टेशन मास्टर पीताम्बरपुर को दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के आधार पर रेल प्रशासन ने स्टेशन मास्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। 125 अक्टूबर की रात सात बजे पीताम्बरपुर के पास रेल फाटक संख्या 352 ए खुला हुआ था। इस दौरान पेट्रोलियम पदार्थ से भरा एक टैंकर गुजर रहा था। इसी बीच लखनऊ से मेरठ जाने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस टैंकर से टकरा गई थी।








इस हादसे में टैंकर चालक की मौत हो गई थी। इसके अलावा आठ लोग घायल भी हो गए थे। उत्तर रेलवे मुख्यालय ने घटना की जांच के लिए मुख्यालय के तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम गठित की थी। टीम ने स्टेशन मास्टर, गेट मैन, समेत अन्य रेलवे कर्मियों और अधिकारियों के बयान लिए थे। रिकार्ड की भी जांच की थी। समिति ने जांच रिपोर्ट उत्तर रेलवे महाप्रबंधक को सौंप दी थी। महाप्रबंधक ने जांच रिपोर्ट को सही पाते हुए कार्रवाई के लिए डीआरएम के पास भेज दिया है।




इसमें स्टेशन मास्टर पीताम्बपुर सुखांत बहोरी को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। स्टेशन मास्टर ने गेट बंद करने की सूचना गेटमैन को नहीं दी थी। राज्यरानी एक्सप्रेस को बिना रुके चलने के लिए सिग्नल भी दे दिया था। सूचना न होने से गेटमैन ने गेट बंद नहीं किया। यह गेट इंटरलॉक भी नहीं था, लिहाजा गेट से पहले कोई सिग्नल नहीं था। सिग्नल की व्यवस्था होती तो हादसे को रोका जा सकता था। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि परिचालन विभाग को स्टेशन मास्टर पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।




कोहरे से 27 ट्रेनों का संचालन बाधित : मुरादाबाद रेल मंडल में कोहरे की वजह से 27 ट्रेनों का संचालन बाधित रहा। इनमें पंजाब मेल छह घंटे, जलिया वाला बाग एक्सप्रेस आठ घंटे, राप्ती गंगा एक्सप्रेस नौ घंटे, पदमावत एक्सप्रेस पांच घंटे, डुप्लीकेट पंजाब मेल आठ घंटे, सत्याग्रह आठ घंटे, गरीब नवाज एक्सप्रेस आठ घंटे, श्रमजीवी एक्सप्रेस पांच घंटे, बाघ एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से पहुंची।रामपुर के पास हुई राज्यरानी दुर्घटना की जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी 1मुरादाबाद : रामपुर के पास 15 अप्रैल को राज्यरानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसकी 10 बोगियां पटरी से उतर गईं थीं। इस घटना की जांच उत्तर रेलवे मुख्यालय की चार सदस्यीय टीम द्वारा की जा रही है, लेकिन घटना के 10 महीने बीत जाने के बाद भी राज्यरानी की जांच रिपोर्ट मुख्यालय की टीम ने नहीं सौंपी। वहीं सूत्रों के अनुसार जल्द ही जांच रिपोर्ट आने वाली है।

Category: Indian Railways, News

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